नए सत्र से जेब पर बढ़ेगा भार, फीस बढ़ाने की तैयारी में स्कूल
-नए सत्र से जेब पर बढ़ेगा भार, फीस बढ़ाने की तैयारी में स्कूल
- छुट्टियों के बाद अभिभावकों को दी जाएगी बढ़ी हुई फीस की रसीद
-कंपोजिट फीस का पांच प्रतिशत और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के अनुसार ही बढ़ा सकते हैं फीस
- जिलाविद्यालय निरीक्षक
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नए सत्र से अभिभावकों की जेब पर भार बढ़ने जा रहा है। अधिकतर स्कूलों ने फीस बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसको लेकर कई स्तर पर मीटिंग चल रही है। कुछ स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस की रसीद अभिभावकों को थमा भी दी है। हालांकि स्कूलों का कहना है कि वह नियम के अनुसार ही फीस बढ़ाएंगे। वहीं, पैरेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि होली की छुट्टियों के बाद अधिकतर स्कूल बढ़ी हुई फीस की जानकारी देंगे। कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जिन्होंने इस बार फीस नहीं बढ़ाई है। बल्कि एडमिशन फीस में कुछ प्रतिशत कटौती कर दी है।
एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होने जा रहा है। हर साल नए सत्र में दाखिले के दौरान फीस को लेकर अभिभावकों और स्कूल में विवाद होता है। जिलाविद्यालय निरीक्षक के पास दर्जनों शिकायत आती हैं। इसलिए इस बार स्कूल फीस बढ़ाने से पहले कई स्तर पर मीटिंग कर रहे हैं। पिछले सत्र में कई स्कूलों ने फीस बढ़ाने से पहले अभिभावकों को मेल भी किया था। लेकिन इस बार अब तक स्कूलों की ओर से ऐसा कुछ नहीं किया गया है।
यदु पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ मृणालिनी सिंह ने बताया कि नियम के अनुसार ही 8 से 10 प्रतिशत फीस बढ़ाई गई है। महर्षि विद्या मंदिर के प्रिंसिपल उमेश सिंह सेंगर ने बताया कि इस बार फीस नहीं बढ़ाई गई है। पिछले सत्र की फीस को ही जारी रखा गया है। कुछ स्कूलों का कहना है कि फीस बढ़ाने का काम मैनेजमेंट की ओर से किया जाता है। इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ऑल नोएडा स्कूल्स पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने बताया कि अभी तक स्कूलों की ओर से फीस से संबंधित जानकारी नहीं दी गई है। होली के बाद ही स्कूल बढ़ी हुई फीस की जानकारी देंगे। पिछले बार तो कई स्कूलों की ओर से मेल भी आया था, लेकिन इस बार अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
यूपी फीस रेगुलेटरी एक्ट के अनुसार कोई भी स्कूल कंपोजिट फीस का पांच प्रतिशत और सीपीआई (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) के अनुसार ही फीस बढ़ा सकता है। अगर कोई स्कूल ज्यादा फीस बढ़ाता है तो अभिभावक जिला शुल्क नियमन समिति (डीएफआरसी)में शिकायत कर सकते हैं।
डॉ. धर्मवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
कॉपी किताबों के दाम पहले से बढ़े
कागज के दाम बढ़ने से कॉपी किताबों के दाम भी बढ़ गए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में कॉपी, किताब से लेकर कवर रोल के रेट में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। अधिकतर ब्रांडेड कॉपियों पर 10 से 15 रुपये बढ़ गए हैं। अगर किसी कंपनी ने रेट नहीं बढाए हैं, तो पेजों की संख्या कम कर दी है।