ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने पहली बार प्रोजेक्टों के विज्ञापन के संबंध में गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत बिल्डर को प्रोजेक्ट के हर विज्ञापन में यूपी रेरा की वेबसाइट का लिंक और यूपी रेरा का पंजीकरण नंबर देना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो यूपी रेरा जुर्माना लगाने की कार्रवाई करेगा।
यूपी रेरा में विभिन्न बिल्डरों के 2955 प्रोजेक्ट पंजीकृत हैं। साथ ही, 4322 एजेंट पंजीकृत हैं। बिल्डर और एजेंट की तरफ से समय-समय पर किसी न किसी प्रोजेक्ट का विज्ञापन जारी किया जाता है। यूपी रेरा एक्ट के तहत बिल्डरों को विज्ञापन में रेरा का पंजीकरण नंबर देना जरूरी है, लेकिन बिल्डर इसका पालन नहीं कर रहे हैं। बार-बार इसकी शिकायत यूपी रेरा को मिल रही है। यूपी रेरा के समक्ष अभी तक करीब 500 मामले आ चुके हैं। इनमें बिल्डरों को कई बार नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन हर बार बिल्डर जानकारी नहीं होने का बहाना बनाकर राहत लेते हैं। बिल्डरों की इस मनमानी को देखकर यूपी रेरा ने पहली बार विज्ञापन के संबंध में गाइडलाइन जारी की है।
यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि अखबार, टीवी चैनल, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वेबसाइट, बैनर, पोस्टर आदि के माध्यम से बिल्डर प्रोजेक्ट का प्रचार-प्रसार करता है तो हर स्तर और विज्ञापन में बिल्डर को यूपी रेरा की वेबसाइट का लिंक व यूपी रेरा में प्रोजेक्ट का पंजीकरण नंबर जरूर लिखना होगा। हर विज्ञापन या ऑडियो में वेबसाइट का लिंक व पंजीकरण नंबर साफ दिखना और सुनाई देना चाहिए। अगर नियमों का पालन नहीं किया तो फिर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
लाखों खरीदारों को होगा इसका फायदा
यूपी रेरा की गाइडलाइन का फायदा लाखों खरीदारों को मिलेगा। अक्सर बिल्डर विज्ञापन में यूपी रेरा में पंजीकरण होने का दावा करते हैं, लेकिन पंजीकरण नंबर नहीं बताते हैं। इससे खरीदार भ्रमित हो जाते हैं। साथ ही, पंजीकरण नंबर से खरीदार यूपी रेरा की वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट की जानकारी ले सकते हैं। इसे ध्यान में रखकर यूपी रेरा ने गाइडलाइन जारी की है।