-इमर्जिंग टेक्नॉलाजी, एआई, रुपये करेंसी में लेनदेन बढ़ाने और आपू्र्ति चेन बेहतर होने से बढ़ेगा आयात-निर्यात
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। भारत में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से नोएडा के निर्यातकों को ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, रूस समेत अन्य देशों के बाजार में कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। उद्यमी संगठनों का मानना है कि सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और राजदूतों के साथ होने वाली बैठकों से शहर के निर्यातकों को नए खरीदार तलाशने और सीधे बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है।
भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के अलावा अन्य देशों के प्रतिनिधियों के दिल्ली-एनसीआर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में नोएडा के निर्यातक भी कारोबारी संपर्क बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। शहर से सालाना करीब 97 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है।
लघु उद्योग भारती के महासचिव संजय बत्रा ने बताया कि पिछले ब्रिक्स सम्मेलन में एमएसएमई को मजबूत करने, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये कारोबार आसान बनाने और वैश्विक व्यापार व्यवस्था को अधिक लचीला बनाने पर जोर दिया गया था। इस बार एमएसएमई के लिए क्रेडिट आकलन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा की जा रही है। इसमें केवल संपत्ति और गारंटी के बजाय कारोबार के कैश फ्लो को ऋण का आधार बनाए जाने की संभावना है। इससे छोटे निर्यातकों के लिए कार्यशील पूंजी जुटाना आसान हो सकता है।
इन उत्पादों की बढ़ सकती है मांग
नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग, परिधान, मशीनरी, केमिकल और आईटी क्षेत्र की बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं। उद्यमियों का मानना है कि ब्रिक्स देशों में बाजार पहुंच आसान होने पर इन क्षेत्रों के उत्पादों और सेवाओं के लिए नए खरीदार मिल सकते हैं।
आसान हो सकती है आपूर्ति श्रृंखला
एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने बताया कि निर्यातकों को भुगतान सुरक्षा, शिपमेंट में देरी और अलग-अलग कर व्यवस्थाओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ब्रिक्स के मंच से इन मुद्दों पर बेहतर समन्वय होने और आयात-निर्यात प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
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ब्रिक्स सम्मेलन एक बड़ा अवसर है। कई देशों के बाजार में सीधे उत्पाद बेचने की राह खुल सकती है। -डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, सचिव, एनईए
सबसे जरूरी है कि आयात-निर्यात प्रक्रिया आसान हो और माल की सुरक्षा की गारंटी मिले। -अमित सिंघल, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती नोएडा इकाई
राजदूतों के साथ बैठकों से संबंधित देशों के बाजार में सीधे प्रवेश का अवसर मिल सकता है। -विमला बाथम, उद्यमी
रूस और ब्राजील पुराने साझेदार हैं, लेकिन अन्य देशों के साथ भी निर्यात बढ़ने की उम्मीद है। -नीतू सिंह, उद्यमी
नीतू सिंह महिला उद्यमी
नीतू सिंह महिला उद्यमी
नीतू सिंह महिला उद्यमी