- सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में किशोर स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण विषय पर विशेषज्ञों ने किया जागरूक
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में किशोर स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण विषय पर सोमवार को एक दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सम्मेलन में चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवा, सौंदर्य एवं वेलनेस तथा समाज सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस दौरान किशोरों से जुड़ी शारीरिक, मानसिक और जीवनशैली संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. अरुण कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि किशोरों के संपूर्ण विकास और बेहतर स्वास्थ्य के लिए चिकित्सा के साथ बहुविषयक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। केजीएमयू लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. उमा सिंह ने किशोरियों में बढ़ रहे पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर के बारे में जानकारी दी और समय पर लक्षणों की पहचान के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। आईएमए लखनऊ की पूर्व अध्यक्ष डॉ. रमा श्रीवास्तव ने सौंदर्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका और इसके संभावित प्रभावों पर जानकारी दी।
टैटू और स्वास्थ्य जोखिम
प्रो. अरुण कुमार सिंह ने युवाओं में बढ़ते टैटू के चलन से जुड़े संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी। वेलनेस विशेषज्ञ ब्लॉसम कोचर ने दैनिक जीवन में अरोमाथेरेपी के लाभ बताए। सामाजिक कार्यकर्ता सुगंती अग्रवाल ने तनाव प्रबंधन और किशोरों के भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपाय साझा किए।
कार्यक्रम में संस्थान के डीन डॉ. डीके सिंह, सीएमएस डॉ. मुकुल जैन, एमएस डॉ. आकाश राज, बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. उषा बिंदल और पैरामेडिकल डीन डॉ. पूनम मोटियानी समेत कई संकाय सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन कंसल्टेंट स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोकिता शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।