यूपी रेरा के न्याय निर्णायक अधिकारी की पीठ ने आदेश का पालन न करने पर हेबे इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक को किया तलब
चार साल बाद भी खरीदार को फ्लैट पर कब्जा नहीं मिलने का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी रेरा के न्याय निर्णायक अधिकारी की पीठ ने आदेश जारी कर हेबे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. के निदेशक से पूछा है कि क्यों न तीन माह के कारावास का आदेश जारी कर दिया जाए। बिल्डर यूपी रेरा के आदेश का पालन नहीं कर रहा है। इस कारण चार साल बाद भी खरीदार को फ्लैट पर कब्जा नहीं मिल सका है। अब पीठ ने डायरेक्टर को अगली तारीख पर तलब किया है।
खरीदार प्रदीप संघवी व रीता संघवी के अधिवक्ता ने बताया कि अप्रैल 2018 में खरीदार प्रदीप व रीता ने हेबे इंफ्रास्ट्रक्चर (महागुन समूह की कंपनी) के प्रोजेक्ट महागुण मंत्रा-2 में डुप्लेक्स अपार्टमेंट खरीदा था। बिल्डर ने सितंबर 2019 में कब्जा देने का वादा किया था लेकिन पूरा नहीं किया और पैसा भी पुरा ले लिया। कब्जा नहीं देने पर सितंबर 2022 में खरीदारों ने यूपी रेरा का दरवाजा खटखटाया था। यूपी रेरा पीठ-वन ने फरवरी 2024 में बिल्डर को देरी पर जुर्माने के साथ फ्लैट पर कब्जा देने का आदेश दिया था। आरोप है कि बिल्डर ने आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद खरीदार ने अपील दायर की।
न्याय निर्णायक अधिकारी की पीठ इस पर सुनवाई कर रही। पीठ ने कई बार नोटिस जारी किया लेकिन बिल्डर ने कब्जा नहीं दिया। उसके बाद टीम को भेजकर फ्लैट को कुर्क कराया तो फ्लैट पूरी तरह तैयार नहीं थी। बिल्डर फ्लैट की पूरी कीमत के साथ रजिस्ट्री का पैसा भी ले चुका है पर अब तक प्रोजेक्ट को ओसी या सीसी भी नहीं मिला है। अब पीठ ने बिल्डर कंपनी के डायरेक्टर को 21 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में तलब किया है। पीठ ने कहा है कि आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है क्यों न आदेशों की अवहेलना पर तीन माह के कारावास की सजा का आदेश जारी कर दिया जाए।