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Noida News: प्राधिकरण सालभर बनवाता रहा डिजाइन, बारिश होने पर फिर डूबे कई सेक्टर

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सेक्टर-62 लेबर चौक पर हुआ जलभराव फिर शहर में बदनाम, लेकिन हकीकत यह कि प्राधिकरण ने नाला सफाई तक नहीं करवाई
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माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। बारिश में जलभराव की वायरल अधिकतर तस्वीरों और वीडियो में सेक्टर-62 लेबर चौक दिख रहा है। किसी फोटो में कार फंसी दिख रही है तो किसी में बाइक सवार गिर हुए। यहां के जलभराव को नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी और इंजीनियर कई वर्ष से देख रहे हैं। पिछले साल निरीक्षण भी किया था। कार्ययोजना बनाने और काम करवाने के निर्देश हुए थे। पूरे साल प्राधिकरण जलनिकासी की परियोजना की डिजाइन ही बनवाता रह गया।
सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) से भी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाई गई। फिर यहां पर नई डिजाइन से नाला व सड़क निर्माण का टेंडर कुछ दिन पहले ही जारी किया गया लेकिन अब काम बारिश के बाद हो पाएगा। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक मौके पर नाला, तिराहे, सड़क संबधी काम के लिए सीआरआरआई की रिपोर्ट के हिसाब से करीब 20 करोड़ रुपये लागत का टेंडर जारी किया गया है।
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लेबर चौक से सेक्टर-58, 59, 62, एनआईबी चौकी होकर नेशनल हाईवे सेक्टर-12, 22, 55, की ओर लोग जाते हैं। सड़क से सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों के श्रमिक, कारीगर, सेक्टर-62 स्थित शैक्षणिक संस्थान के छात्र, आईटी कंपनियों के कर्मचारी भी निकलते हैं।
जलभराव की वजह

सेक्टर-58 लेबर चौक से नेशनल हाईवे-9 को जाने वाली खोड़ा व नोएडा के बीच की सड़क खोड़ा से कम ऊंचाई पर है। बारिश होने पर खोड़ा का पानी सीधे इस सड़क की तरफ आता है। यहां लेबर चौक से सेक्टर-62 एलआईसी ऑफिस के बीच दो छोटी पुलिया (कलवर्ट) बनी हुई हैं। इन कलवर्ट की इतनी क्षमता नहीं है कि खोड़ा का पानी उतनी ही तेजी में निकल पाएं। सफाई न होने की वजह से ये चोक भी रहती हैं। कलवर्ट से निकलने वाला पानी सेक्टर-62 की तरफ सड़क किनारे बने नाले से होकर सेक्टर-59 मामूरा तक बने नाले में जाना होता है। लेबर चौक मोड़ पर यह नाला 90 डिग्री पर मुड़ता है। आगे नाले में सेक्टर-58, 62 के पानी का दबाव बढ़ता है तो बैक-फ्लो भी होने लगता है।


सूची बनाने तक सीमित रही सतर्कता

जलभराव की जिम्मेदारी से बचाव के लिए नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियर जलभराव वाली जगहों की सूची बनाकर रखते हैं। इस बार इस सूची में 28 जगहों को शामिल कर दिया गया है। इनकी संख्या पिछले दिनों विधायक पंकज सिंह की बैठक में प्राधिकरण की तरफ से बताई गई लेकिन इन जगहों के नाम उजागर नहीं किए गए। ऐसे में जहां पर भी बारिश का पानी भर रहा है जल-सीवर-जनस्वास्थ्य इंजीनियर उस जगह को जलभराव स्थल के रूप में अधिकारियों को बता दे रहे हैं। दावा यह भी है कि इन जगहों पर पानी निकासी के लिए पंप और स्टॉप भी लगाया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष जलभराव वाली इन जगहों की संख्या 15 थी। 2024 में 18, 2023 में 12, 2022 में 15, 2021 में 16 व 2020 में 25 थी। जलभराव की समस्या के लिए प्राधिकरण ने 0120- 2423795 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
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वर्जन

बृहस्पतिवार को पानी निकासी के लिए सभी वर्क सर्कल की टीमें क्षेत्र में रहीं। पानी निकलवाया भी गया है। सेक्टर-62 लेबर चौक खोड़ा के सामने होने वाले जलभराव को दूर कराने के लिए सीआरआरआई से डीपीआर तैयार करवाई गई है। टेंडर भी जारी करवाया जा चुका है। अब बारिश के बाद काम करवाया जाएगा। जलभराव दूर कराने के लिए क्यूआरटी भी बनाई गई है। 42 जेसीबी, 2 पोकलेन, 102 ट्रैक्टर ट्राली नाला-सफाई व जलभराव दूर करवाने के लिए लगाए गए हैँ। अब तक नाला सफाई का काम 80 प्रतिशत करवाया जा चुका है। -एसपी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण
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