आम्रपाली समूह में फंसी रकम में से प्राधिकरण को 575 करोड़ मिले
- प्राधिकरण ने आम्रपाली का 25 एकड़ का औद्योगिक भूखंड नीलामी में लिया
- अब प्राधिकरण लाएगा औद्योगिक स्कीम और कमाएगा 125 करोड़ रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण ने आम्रपाली समूह को आवंटित की गई 25 एकड़ औद्योगिक भूखंड को एनबीसीसी की नीलामी में बोली लगाकर 111 करोड़ 151 रुपये में वापस ले लिया है। अब प्राधिकरण इस भूखंड पर औद्योगिक स्कीम लाएगा और करीब 125 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाएगा। इसके अलावा प्राधिकरण ने एनबीसीसी से अपील करके एफएआर के रूप में भी कुछ राशि लेने की मांग की है। जिस पर एनबीसीसी ने हामी भर दी है। इससे प्राधिकरण को 450 करोड़ रुपये एफएआर और 125 करोड़ औद्योगिक भूखंड से वापस मिल सकेंगे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आम्रपाली समूह को ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं, आईटी पार्क और औद्योगिक भूखंड के लिए 317 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इसकी रकम प्राधिकरण को मिलती, इससे पहले ही आम्रपाली दिवालिया प्रक्रिया में चला गया। इससे प्राधिकरण के हजारों करोड़ रुपये फंस गए। अब आम्रपाली समूह सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट रिसीवर की निगरानी में परियोजनाओं को पूरा करा रहा है। आम्रपाली समूह का कासना स्थित 25 एकड़ का एक औद्योगिक भूखंड एनबीसीसी नीलाम कर रहा था। इस भूखंड पर नीलामी के दौरान 111 करोड़ रुपये तक बोली लगाई गई थी। मगर प्राधिकरण ने एनबीसीसी से अपील करके उक्त जमीन को किसी अन्य काे न बेचकर प्राधिकरण को देने ही अपील की। इस पर ग्रेनो प्राधिकरण की ओर से भूखंड को 111 करोड़ की नीलामी में 151 रुपये और जोड़कर उसे खरीद लिया।
इससे प्राधिकरण को 25 एकड़ का औद्योगिक भूखंड अपनी पुरानी दरों पर मिल गया है और जल्द ही इस पर औद्योगिक भूखंड की योजना लाएगा। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि प्री कास्ट कंपनी के लिए इकोटेक सेक्टर-6 में 13 दिसंबर 2020 को यह भूखंड आवंटित किया था। इस पर प्राधिकरण का करीब 28 करोड़ रुपये बकाया हैं और यह पैसा भी एनबीसीसी देगा। वहीं, आम्रपाली समूह को आवासीय परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित करते समय 2.75 एफएआर दिया गया था। मगर अब इन परियोजनाओं में एफएआर 3.5 प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में प्राधिकरण अधिकारियों ने एनबीसीसी से अपील की है कि उनको भी कुछ राशि मिल जाए तो प्राधिकरण का कर्ज कम करने में आसानी होगी। इस पर एनबीसीसी .75 एफएआर के लिए प्राधिकरण को 450 करोड़ रुपये देने को राजी हो गया है। इससे प्राधिकरण को आम्रपाली के फंसी परियोजना से करीब 757 करोड़ रुपये मिल गए हैं। इसके बाद अब प्राधिकरण दूसरे फंसे प्रोजेक्टों से भी इसी तरह अपनी रकम निकालना चाहता है।
ग्रेनो प्राधिकरण पर है 3500 करोड़ का कर्ज
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की मोटी रकम बिल्डरों के पास फंसी हुई है। अभी हाल ही में करीब 1005 करोड़ रुपये प्राधिकरण ने बैंकों के जमा किए हैं। मगर अभी भी करीब 3500 करोड़ रुपये के करीब प्राधिकरण पर नोएडा प्राधिकरण और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड का बकाया है। इसके लिए करीब 60 करोड़ रुपये हर माह बतौर ब्याज के रूप में देना पड़ा रहा है। प्राधिकरण की मंशा है कि यदि यह कर्ज उतर जाए तो जितनी रकम ब्याज में जाती है उसे हर माह विकास पर खर्च किया जा सकता है।