प्रदूषण का कहर जारी, हर दिन खराब श्रेणी में दर्ज हो रही नोएडा की हवा की गुणवत्ता
-स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रहीं, सांस लेना भी पड़ रहा भारी
-प्रदूषण में इजाफा होने पर लग सकता है ग्रेप-3
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण में भी इजाफा हो रहा है। नवंबर के 10 दिन में शहरवालों को एक दिन भी साफ हवा नसीब नहीं हुई है। हवा की गुणवत्ता रोजाना खराब श्रेणी में दर्ज हो रही है। एक से 10 नवंबर तक नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) तीन दिन ऑरेंज जोन में और सात दिन रेड जोन में दर्ज हुआ है। ऐसे में एक्यूआई 200 से 400 के बीच दर्ज किया गया जो सेहत के लिए हानिकारक है। यही वजह है कि इन दिनों लोगों को एलर्जी की समस्या ज्यादा हो रही है।
हर साल की तरह इस बार भी दिवाली के बाद से प्रदूषण में इजाफा होने लगा था। ऐसे में एक्यूआई बढ़ता गया और वायु गुणवत्ता खराब होती गई। 200 से अधिक एक्यूआई होने पर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप)-1 लागू हो गया था और 300 से अधिक एक्यूआई होने पर ग्रेप-2 का दूसरा चरण लागू है, लेकिन जगह-जगह ग्रेप के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। धूल उड़ रही है और निर्माण कार्य भी नियमों के विपरीत किए जा रहे हैं। एक्यूआई 400 पार होने पर ग्रेप-3 लागू हो जाएगा। हालांकि शहर में बने एयर मॉनिटरिंग स्टेशनों की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई 400 पार दर्ज हो रहा है। वहीं, रविवार को नोएडा सेक्टर 62 का एक्यूआई भी 405 रहा था। स्थिति ऐसी ही रही तो जल्द ही ग्रेप-3 भी लागू हो सकता है।
ऑरेंज और रेड जोन की हवा सेहत के लिए हानिकारक होती है। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को मास्क लगाए बिना घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
बंद रहा सेक्टर 125 का एयर मॉनिटरिंग स्टेशन
सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शाम चार बजे की रिपोर्ट जारी नहीं हुई। ऐसे में समीर एप की रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा का एक्यूआई 328 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 318 दर्ज किया गया। इसके साथ ही नोएडा का सेक्टर-125 एयर मॉनिटरिंग स्टेशन बंद रहा। इसके अलावा सेक्टर 62 का एक्यूआई 321, सेक्टर 1 का एक्यूूआई 322 और सेक्टर 116 का एक्यूआई 342 दर्ज किया गया।
ग्रैप 3 के तहत लगती हैं ये पाबंदियां
-गैर जरूरी निर्माण कार्य, ध्वस्तीकरण, पुराने डीजल वाहनों पर पाबंदी
-सीमेंट, बालू जैसे सामानों की आवाजाही पर रोक लग जाएगी
-अंतरराज्यीय डीजल बसों पर भी रोक लग जाएगी
-कक्षा 5 तक के स्कूल बंद कर ऑनलाइन मोड में पढ़ाई की अनुमति
-स्टोन क्रशर और खनन संबंधी गतिविधियों पर रोक
-आपात सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटरों पर रोक
-कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मोड में काम करने की सलाह
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तारीख - एक्यूआई
1 नवंबर - 292
2 नवंबर - 348
3 नवंबर - 312
4 नवंबर - 304
5 नवंबर - 215
6 नवंबर - 257
7 नवंबर - 306
8 नवंबर - 354
9 नवंबर - 366
10 नवंबर - 328