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विभाजन की पीड़ा को नाटक के जरिए किया याद
सिंधी समाज ने सुनाई संघर्ष की कहानी, विभाजन की त्रासदी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी और भारतीय सिंधु सभा उत्तर प्रदेश की नोएडा शाखा की ओर से सेक्टर-74 स्थित कैप्टाउन क्लब-1 में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाजन के दौरान अपने घर-परिवार छोड़कर आए लोगों के संघर्ष और साहस को याद किया गया। इस दौरान विभाजन की त्रासदी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एनसीपीएसएल के पूर्व उपाध्यक्ष और पत्रकार श्रीकांत भाटिया तथा भारतीय सिंधु सभा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नरेश जोतवानी रहे, जिन्होंने विभाजन की पीड़ा और उसके बाद सिंधी समाज के संघर्ष पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि 1947 का विभाजन इतिहास का ऐसा दौर था, जिसने लाखों लोगों का जीवन बदल दिया। परिवार बिछड़े, लोगों को अपने घर और जमीन छोड़नी पड़ी और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनों को खोया। इसके बावजूद सिंधी समाज ने हिम्मत नहीं हारी और शून्य से अपना जीवन शुरू कर देश के विकास में योगदान दिया। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य ऐसे ही संघर्ष और बलिदान को याद करना है।
-दो दिन में तैयार की लघु नाटिका, महिला कलाकारों ने किया मंचन
कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी पर विशेष रूप से महिलाओं की ओर से तैयार की गई लघु नाटिका का मंचन भी किया गया। आयोजकों के अनुसार इसे महज दो दिन में तैयार किया गया। इसका कॉन्सेप्ट, स्क्रिप्ट, संवाद, कलाकारों का चयन और निर्देशन नरेश जोतवानी ने किया। नाटिका में ज्योत्सना पमनानी, हीरल कवलानी, पूनम थारवानी, दीक्षा माधवानी, चेष्टा और केया कवलानी ने अभिनय किया। कार्यक्रम में एओए के प्रमुख अरुण शर्मा और टावर ओ के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने भी विभाजन की त्रासदी से जुड़े अपने विचार साझा किए।