-एसआईआर के दौरान सेक्टरों में मिले हैं बड़ी संख्या में मतदाता, नहीं हो रहे ट्रेस
-सूची से हटाया जाएगा नाम, इनमें ज्यादातर मजदूर, जो कर चुके है यहां से पलायन
-बूथों पर मतदाताओं के सत्यापन के दौरान बीएलओ में दिख रहा जानकारी का आभाव
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिन्हें ट्रेस नहीं किया जा सका। ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों में कई मकानों के पते पर मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि वहां मकान खाली पड़े हैं और झाड़ियां उगी हुई हैं।
घर लौट चुके श्रमिकों के नाम सूची में दर्ज
सूत्रों के अनुसार, इन मकानों के पते पर दर्ज अधिकांश मतदाता श्रमिक हैं जो काम पूरा होने के बाद यहां से घर या दूसरे स्थानों पर चले गए हैं। अब इनका नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा। चार नवंबर से शुरू हुआ एसआईआर कार्यक्रम 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान जिले के 1868 बूथों पर 18.68 लाख मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र बांट चुके हैं और अब उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है। सत्यापन में कई मकानों पर 10 से 15 तक मतदाता दर्ज मिले, लेकिन मौके पर कोई नहीं मिला।
बीएलओ की जानकारी में कमी
कार्यक्रम शुरू होने से पहले सभी बीएलओ को प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन सत्यापन के दौरान कई जगह उनकी जानकारी अधूरी पाई गई। शनिवार को महाअभियान के दौरान डेल्टा-2 बूथ पर एक मतदाता पहुंचे और बताया कि उनका बूथ साकीपुर गांव के नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में है, लेकिन उन्हें अब तक गणना प्रपत्र नहीं मिला। एस्टर पब्लिक स्कूल बूथ पर भी बीएलओ के पास स्पष्ट जानकारी नहीं थी।
अधिकारियों ने दिए निर्देश
स्थिति को देखते हुए दादरी विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने मतदाताओं को स्पष्ट जानकारी दी और बीएलओ को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में फार्म-8 भरवाकर बूथ बदलने की कार्रवाई की जाए।