कासगंज। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची की बीएलओ एप पर मैपिंग न होने से मतदाताओं को प्रपत्र भरने में काफी दिक्कत आ रही है। बीएलओ ने 2003 की सूची नहीं दी है। मतदाता एसआईआर में नाम कटने के डर से परेशान हैं।
एसआईआर का सर्वे 4 नवंबर से शुरू किया गया है। इसके लिए आयोग की तरफ से बीएलओ एप भी जारी किया है। इस एप पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची का ऑनलाइन प्रदर्शन नहीं हो रहा। बीएलओ ने जो प्रपत्र मतदाताओं को उपलब्ध कराए हैं उसके साथ वर्ष 2003 की मतदाता सूची नहीं दी जा रही। इससे मतदाताओं के सामने प्रपत्र भरने की समस्या आ रही है। मतदाता शशांक, जवाहर का कहना है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची न मिलने से प्रपत्र भरने में काफी समस्या आ रही है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने बताया कि एसआईआर सर्वे में गंभीर अव्यवस्था, तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। 4 नवंबर से प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन मतदाताओं के पास फार्म 10 नवंबर से पहुंचना शुरू हुए। जबकि कई घरों तक अब तक फॉर्म नहीं पहुंचे हैं। 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट का कोई समुचित लिंक या मैपिंग नहीं हुई है। कई मतदाताओं के 2025 की सूची में गायब हैं उन्हें फॉर्म नहीं दिया जा रहा। पोर्टल पर माता, पिता, दादा, दादी, नाना, नानी के ही नाम हैं।