फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: मोबाइल के लिए किशोर ने की थी मासूम प्रिंस की हत्या

विज्ञापन
प्रिंस फाइल फोटो।
विज्ञापन
नौतनवा (महराजगंज)। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग, लक्ष्मीपुर रेंज के टेढ़ी घाट बीट के जंगल में मंगलवार शाम मिला धड़ दस दिन से लापता अंश उर्फ प्रिंस का था। गांव के ही एक किशोर ने प्रिंस के पास मौजूद मोबाइल छीनने की कोशिश की थी और विरोध पर गला दबा कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मोबाइल अपने घर में नींबू के पेड़ के नीचे दबा दिया था। पुलिस ने आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बुधवार को मोबाइल बरामद किया। पोस्टमार्टम के बाद प्रिंस के शव को परसौनी कला टोला पिपरहिया में पुलिस की मौजूदगी में दफना दिया गया।
विज्ञापन


नौतनवा थाना क्षेत्र के गांव कजरी टोला मुसहरन डीह पर अपनी मां संजू अग्रहरी के साथ ननिहाल आए पांच वर्षीय अंश उर्फ प्रिंस 31 अगस्त से लापता था। पुलिस संजू की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर छानबीन में जुटी थी। इसी बीच कजरी गांव के ही 14 वर्षीय किशोर की निशानदेही पर पुलिस ने मंगलवार देर शाम उसका धड़ बरामद किया। सिर और पैर नहीं मिले। अनुमान लगाया गया कि कोई जानवर नोच ले गया होगा।
पुलिस का कहना है कि कड़ाई से पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह कई दिनों से मोबाइल लेना चाहता था पर पैसे नहीं थे। 31 अगस्त को प्रिंस मोबाइल लेकर खेल रहा था। वहां गांव के और बच्चे भी थे। जब बच्चे चले गए तो आरोपी प्रिंस को साइकिल से अपने साथ जंगल में ले गया और मोबाइल छीनने लगा। प्रिंस ने विरोध किया तो उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव झाड़ी में फेंक दिया था। नौतनवा सीओ अंकुर गौतम ने बताया कि हत्यारोपी की निशानदेही पर अंश उर्फ प्रिंस का मोबाइल उसके घर से बरामद कर लिया गया।
विज्ञापन





मोबाइल मिलने पर प्रिंस के परिजनों को हुआ विश्वास



लक्ष्मीपुर रेंज के टेढ़ी घाट बीट के जंगल में सिर्फ धड़ मिलने के कारण उसके पिता गणेश अग्रहरी उसे बेटे का ही शव मानने को तैयार नहीं थे। केवल अंडर गारमेंट से पहचान कर रहे लेकिन शव की पूरी तरह से शिनाख्त से इनकार कर रहे थे। बुधवार को जब पुलिस ने मोबाइल बरामद कर लिया तब परिजन माने और पोस्टमार्टम से आने के बाद शव को दफनाया गया।





घर का इकलौता चिराग था प्रिंस



अंश उर्फ प्रिंस घर का इकलौता चिराग था। अपनी मां के साथ ननिहाल आया था। पिता गणेश अग्रहरी मुंबई में फल का व्यवसाय करते हैं। बेटे के लापता होने की सूचना पर दूसरे दिन ही घर आ गए। काफी तलाश के बाद भी बेटे का पता नहीं चलने पर वह बहुत व्याकुल थे। 10 दिन बाद उनके बेटे की लाश मिली। बेटे की लाश मिलने के बाद मां_पिता समेत सभी परिजनों की आंखों में आंसू थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें