जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने गौराबादशाहपुर क्षेत्र निवासी किशोर को दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।जुर्माने की समस्त धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
पीड़ित की मां ने घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तहरीर में कहा गया था कि 13 वर्षीय पीड़िता 17 जनवरी 2019 की रात 9 बजे घर से कुछ दूरी पर शौच के लिए जा रही थी। आरोप है कि पड़ोसी 17 वर्षीय किशोर पीड़िता को जबरन अपने मकान में खींच ले गया। गर्दन पर चाकू रखकर उसका हाथ, पैर, मुंह बांधकर उसके साथ रात भर दुष्कर्म किया। रात में पीड़िता घर नहीं लौटी तो उसे खोजने लगे। 18 जनवरी को गुमशुदगी की सूचना दी जाने लगी तो किशोरी किसी तरह घर आई। उसके कपड़े फटे थे। उसने आप बीती सारी जानकारी दी। पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच के बाद बयान दर्ज किया। विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। किशोर अपचारी की उम्र 17 वर्ष 4 दिन होने के आधार पर किशोर न्याय बोर्ड द्वारा 17 मई 2024 को किशोर न्याय अधिनियम के तहत आरोपी का विचारण वयस्क के रूप में किए जाने का निष्कर्ष देते हुए पत्रावली दीवानी न्यायालय के सेशन कोर्ट में भेजी गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किशोर अपचारी को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई।