ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे के बाद तकनीकी और बीमा टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दावा किया गया है कि बस संचालन में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई और लापरवाही बरती गई।
तकनीकी टीम ने जांच के दौरान पाया कि बस में यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए आपातकालीन द्वार को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया था, जिससे आपात स्थिति में यात्रियों का निकलना मुश्किल हो गया। इसके अलावा, बस में क्षमता से अधिक सामान लादा गया था। 36 सवारियों के बैठने की क्षमता वाली इस बस में यात्रियों के साथ-साथ क्षमता से अधिक माल भरा हुआ था।
निरीक्षण के दौरान बस के मलबे से इनविटेशन कार्ड, नेल पॉलिश, जींस, मोबाइल स्क्रीन, बिजली के तार, कॉपियां, कलर पेंसिल, जले नोट और धागे के रोल समेत भारी मात्रा में ज्वलनशील वस्तुएं बरामद हुई हैं। तकनीकी और बीमा टीम के सदस्यों ने बताया कि बस ओवरलोडिंग और ज्वलनशील सामान की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैल गई। फिलहाल तकनीकी टीम आगे की जांच के लिए पुलिस की मदद लेंगी।
बुधवार रात हुआ था हादसा
बुधवार रात यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में चलती स्लीपर बस में आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे नौ यात्रियों की मौत हो गई। हादसे में कई यात्री झुलस गए और बस में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। आग के कारण शव बुरी तरह झुलस गए थे, जिससे पहचान की प्रक्रिया में परेशानी हुई। पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने शवों की शिनाख्त के लिए आवश्यक कार्रवाई की। हादसे के बाद बस के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने के कारणों को लेकर जांच चल रही है।
पुलिस दुर्घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। शुक्रवार को दो और मृतकों की पहचान होने के बाद अब परिवारों को उनके परिजनों के संबंध में जानकारी मिल सकी है, जबकि एक मृतक की पहचान का इंतजार है।