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Noida News: बच्चों को पढ़ाई के साथ सिखा रहीं क्रिएटिविटी, पर्यावरण बचाने का भी दे रहीं संदेश

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बच्चों को पढ़ाई के साथ सिखा रहीं क्रिएटिविटी, पर्यावरण बचाने का भी दे रहीं संदेश
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प्लास्टिक की बोतल से बनाए गमले, मुखौटे, पेन स्टैंड

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सरकारी स्कूल की शिक्षिका डॉ अंशु जैन बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण का पाठ भी पढ़ा रही हैं। वह बच्चों को बेकार सामान से उपयोगी और सुंदर चीजें बनाना सिखाकर वेस्ट टू बेस्ट की अनोखी मिसाल पेश कर रही हैं।



आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल, खटना दादरी में अंग्रेजी पढ़ाने वाली डॉ अंशु जैन बच्चों को प्लास्टिक की बोतलों, टेट्रा पैक, पुराने डिब्बों और अन्य बेकार वस्तुओं से गमले, मुखौटे, पेन स्टैंड, सजावटी सामान और किचन यूटिलिटी स्टैंड बनाना सिखाती हैं। उनके मार्गदर्शन में बच्चे अलग-अलग डिजाइन के प्लांटर्स तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह थ्री आर फॉर्मूला रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल को जीवन में अपनाने का प्रयास करती हैं। उनका उद्देश्य है कि घर और स्कूल से निकलने वाला कचरा कम से कम हो और बेकार चीजों को दोबारा उपयोग में लाया जाए।
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गत्तों से बनाए किचन रैक
डॉ. अंशु जैन ने बोतलों के ढक्कनों से सुंदर वॉल डेकोर तैयार किया है, जबकि ऑनलाइन शॉपिंग के गत्तों से बच्चों के कमरे और किचन के लिए रैक बनाए हैं। घर में रखा रिमोट स्टैंड और मोबाइल चार्जिंग स्टेशन भी उन्होंने पुराने सामान से ही तैयार किया है। उनका कहना है कि जब भी कोई प्लास्टिक की बोतल फेंकनी पड़ती है तो उन्हें अफसोस होता है। ऐसे सामान को दोबारा उपयोग में लाकर उन्हें संतुष्टि मिलती है।
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पौधरोपण से दे रहीं हरियाली का संदेश

डॉ अंशु जैन घर के साथ-साथ स्कूल में भी पौधे लगाकर बच्चों को पर्यावरण बचाने का संदेश देती हैं। उन्होंने बेकार डिब्बों को सजाकर सुंदर प्लांटर्स तैयार किए हैं। अपने गार्डन में वह टमाटर, शिमला मिर्च, धनिया जैसी मौसमी सब्जियां भी उगाती हैं।
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