पानीपत। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से बुधवार को एईपी कार्यक्रम के तहत निजी स्कूलों के दो अध्यापकों (एक महिला एवं एक पुरूष) तथा पांच विद्यार्थियों को किशोरावस्था विकास के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान एचआईवी एड्स, नशे का दुरुपयोग, रक्तदान शिविर आदि की भी जानकारी दी गई।
सुबह के सत्र में किशोरावस्था कार्यक्रम के नोडल अधिकारी तकदीर सिंह ने प्री-टेस्ट करवाया और सभी का पंजीकरण करवा कार्यक्रम का परिचय दिया। इसके बाद उन्होंने सभी प्रतिभागियों को एचआईवी व एड्स पर वीडियो दिखाई। तीसरे सत्र में सिविल अस्पताल के आईसीटीसी केंद्र से काउंसलर रविंद्र ने एचआईवी की स्थिति एवं कलंक और भेदभाव एक्ट 2017 के बारे में बताया। उन्होंने हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कार्यों के बारे में चर्चा की। दोपहर बाद जिला नागरिक अस्पताल से डीएएचओ डॉ. मनीषा मलिक ने एसटीडी, आरटीआई और एसटीआई के बारे में बताया। आखिरी सत्र में तकदीर सिंह ने कार्यक्रम के तहत स्कूलों की जिम्मेदारी एवं स्कूलों में पोस्टर मेकिंग, रैली, जागरूकता शिविर, नुक्कड़ नाटक इत्यादि कार्यक्रम स्कूल स्तर पर करवाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा एवं डाइट प्राचार्य सुभाष चंद्र ने भी सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम को स्कूल स्तर पर अच्छी तरह से लागू करने हेतु प्रेरित किया।
विज्ञापन
डायट संस्थान में प्रशिक्षण लेते निजी स्कूलों के अध्यापक व विद्यार्थी।