सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जनपदीय इकाई की बैठक सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित हुआ।
इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने परिषदीय शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने के लिए डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि 2009 के पहले नियुक्त शिक्षक उस समय की सेवा ने नियमावली के अनुसार नियुक्त हुए, परंतु परिषदीय शिक्षकों को वर्तमान में न्यायालय द्वारा टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है।
जिसमें जिनकी सेवा पांच साल बच्ची है उन्हें बिना टीईटी के प्रमोशन नहीं मिलेगा और जिनकी सेवा पांच साल से अधिक है। टीईटी को सेवारत शिक्षकों पर लागू किए जाने पर प्रदेश के लाखों शिक्षकों के कार्यशैली पर प्रश्न उठ रहा है। इससे बेशिक शिक्षा विभाग की छवि प्रभावित हो रही है। न्यायालय का निर्णय नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के भी प्रतिकूल हो रही है।
ऐसे में पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने का आदेश दिया जाए, जिससे शिक्षकों के पारिवारिक भरण पोषण की समस्या से निदान मिले। निर्णय से शिक्षक मानसिक तनाव का सामना भी कर रहे है। इससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कार्यक्रम को संगठन के जिला महामंत्री अवधेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष संजय चौधरी, अभय प्रताप सिंह, हरीमोहन सिंह, मतीउल्लाह, अतीउल्ला, सुशील सिंह, रमेश चंद्र, मनोज यादव, वीरेंद्र तिवारी व प्रकाश नाथ त्रिपाठी आदि ने मौजूद रहे।0