इस मामले में जब स्कूल की प्रधानाचार्या नीलम सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें पिंकी सिंह के इस्तीफे की सीधी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन वह काफी समय से अस्वस्थ चल रही हैं। करीब 56 वर्षीय शिक्षिका थायरॉइड से पीड़ित हैं और इसी कारण विभाग को बीएलओ की ड्यूटी हटाने के लिए पत्र भी लिखा था, लेकिन उनकी ड्यूटी नहीं हटाई गई।
प्रधानाचार्या का कहना है कि हो सकता है तनाव और तकलीफ की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया होगा। वह 15 से 20 साल से बीएलओ की ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन कभी उन्होंने ड्यूटी के लिए मना नहीं किया है। उधर, विभागीय सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है और शिक्षिका से संपर्क करके स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।
सीढ़ियां चढ़ना हो रहा था मुश्किल
एक अन्य शिक्षक ने बताया कि कई बार लोग घर पर नहीं मिलते, जबकि बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन करना होता है। इस सेक्टर में काफी अपार्टमेंट बने हुए हैं, ऐसे में हर फ्लैट तक पहुंचना बड़ी चुनौती है। उनका स्वास्थ्य पहले से ही खराब रहता है, इसलिए उनके लिए दिक्कत और बढ़ गई थी।