नूंह (अंतराम खटाना)। तावडू में प्रस्तावित लघु सचिवालय निर्माण की योजना लंबे समय से कागजों में सिमटी है। इसके निर्माण को लेकर क्षेत्र के लोग भी दो धड़ों में बंटे हुए हैं। एक पक्ष लघु सचिवालय को ग्राम पंचायत गुढा गुढी में बनवाने के पक्ष में है तो दूसरा तावडू नगरपालिका क्षेत्र में बनवाना चाहता है। वहीं लघु सचिवालय का निर्माण नहीं हो पाने की वजह से क्षेत्र के लोगों को जरूरी कार्यों के लिए दूर दराज तक कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
लोगों की मांग को देखते हुए पूर्व में कई मंचों पर लघु सचिवालय को लेकर राजनीति होती रही है। हालांकि, भाजपा सरकार ने निर्माण कराने की घोषणा कर इस पर जरूर विराम लगा दिया है लेकिन अभी लघु सचिवालय बनने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। बता देें, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने पहले कार्यकाल के अंतिम समय में तावडू के लोगों की मांग पर यहां लघु सचिवालय बनाने की घोषणा की थी। लेकिन दूसरे कार्यकाल के दूसरे वर्ष के दौरान भी यह मांग अधूरी है। तावडू उपमंडल क्षेत्र में 52 पंचायतें और करीब 84 गांव हैं। इसके अलावा शहर के 15 वार्ड भी है। (संवाद)
किराए के भवनों में चल रहे कार्यालय
लघु सचिवालय के अभाव में तावडू क्षेत्र में कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, समाज कल्याण सहित कई अन्य विभागों के कार्यालय किराए के भवनों में चल रहे हैं। कार्यालयों के अलग-अलग होने के कारण अपने कार्यों से आने वाले लोगों को उनकी तलाश में भटकना पड़ता है। इस वजह से लोगों को काफी परेशानी होती है।
राजनीति की वजह से अटका है मामला
लघु सचिवालय के नाम पर क्षेत्र के लोग दो पक्षों में बंटे हुए हैं, जिसकी वजह से मामला अटका हुआ है। इसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है
लघु सचिवालय की मांग काफी पुरानी है। यह उचित जगह पर बनाया जाना चाहिए। लेकिन प्रशासन इस संबंध में कोई फैसला नहीं ले पा रहा है। भाजपा सरकार भी रुचि नहीं ले रही है।
खालिद चाहलका, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस
हमारी यह मांग बहुत पुरानी है। इस मामले में सरकार को जल्द कदम उठाना चाहिए। लघु सचिवालय के अभाव में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सुरेश प्रधान
तावडू क्षेत्र के लोगों की यह मुख्य मांग है। हम चाहते हैं कि सरकार को शहर के आसपास जल्द से जल्द इसका निर्माण करना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
मनीता गर्ग, चेयरपर्सन, तावडू नगरपालिका।
निश्चित ही यह बड़ी मांग है सरकार व प्रशासन को इसे प्रमुखता से पूरा कराना चाहिए। इस मांग के पूरा होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
धर्मपाल पहलवान, समाजसेवी कोटा