तावडू। उपमंडल के गांव हसनपुर निवासी दीपक सहरावत ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर जिले व अपने गांव का नाम रोशन किया है। इससे मेवात क्षेत्र में खुशी की लहर है। वहीं क्षेत्रवासी दीपक व उनके परिजनों को लगातार बधाई दे रहे हैं।
जाट रेजिमेंट की सातवीं बटालियन में नायक पद पर तैनात दीपक ने बताया कि गत 16 अप्रैल को वे 5364 मीटर ऊंचाई पर स्थित माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप पर वह पहुंचे। कई दिन की ट्रेनिंग के बाद 9 मई को एवरेस्ट पर चढ़ाई शुरू की और 23 मई की सुबह सात बजकर 23 मिनट पर एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया। उन्होंने बताया कि रास्ते में कई बार बर्फीली हवाओं व मौसम की मार का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दीपक ने बताया कि उनकी इस मुहिम व सपने को पूरा करने में पूर्व के कई एवरेस्ट विजेताओं का विशेष योगदान रहा। जिन्होंने उनका हौसला बढ़ाया। दीपक के चाचा सूबेदार बाबूराम ने बताया कि उनके परिवार में दादा स्व. घीसाराम सहरावत भी आजाद हिंद फौज में थे और कई बार सुभाष चंद्र बोस के साथ महीनों जेलों में बंद रहे। वहीं उनकी मां सनापती देवी व साथी पवन सहरावत ने बताया कि अपने घर में इकलौता होने के बावजूद दीपक सेना में भर्ती हुए। उन्होंने पीटीआई कोर्स के साथ भारत की सबसे कठिन मानी जाने वाली कमांडो ट्रेनिंग ली। अगले सप्ताह दीपक गांव आ रहे हैं, उनके जोर शोर से स्वागत की तैयार की जा रही है।