नूंह। इंडरी खंड के गांव खेड़ा खलीलपुर में बीते दिनों रंजिश में आसिफ की हत्या कर दी गई थी। इस मामले के संबंध में रविवार को इंडरी गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी लोगों ने आसिफ हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए निर्दोष लोगों को रिहा करने की मांग की। लोगों ने इस मामले में पुलिस और सरकार की कार्य प्रणाली पर रोष जताया।
लोगों ने कहा कि कुछ लोग इस हत्याकांड को मॉब लिंचिंग का नाम देकर माहौल को खराब कर रहे हैं, जबकि यह मामला आपसी रंजिश का है। पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को नूंह पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग करेगा। इस दौरान पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने यह भी फैसला लिया कि अगर इसके बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं की तो वह जल्द इस मामले में बड़ा कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इसके लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार होंगे। इस दौरान मुख्य रूप से बावन पाल के अध्यक्ष अरूण जैलदार, अंतराम तंवर गुरुग्राम, सूरजपाल अम्मू, योगेश शर्मा हिलालपुरिया, कूलभूषण भारद्वाज, पूर्व विधायक सुभाष चौधरी पलवल, विक्रम यादव गुरुग्राम, सतबीर पहलवान दमदमा, धर्मपाल पहलवान कोटा, एडवोकेट रतन सिंह सौरोत, रणजीत नंबरदार इंडरी, वीरेंद्र चेयरमैन गांगोली आदि मौजूद रहे। वहीं, गुरुग्राम, रेवाड़ी, पलवल, सोहना के अलावा नूंह, पुन्हाना, पिनगंवा, फिरोजपुर झिरका, तावडू और यूपी के सहारनपुर सहित अन्य जगहों से सैकड़ों लोग महापंचायत में पहुंचे।
सतर्क रहा खुफिया एजेंसी
महापंचायत को लेकर पूरे दिन खुफिया एजेंसी सतर्क रहा। महापंचायत में उमड़ी सैकड़ों लोगों की भीड़ के उमड़ने से कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन, पंचायत के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने तमाम बातों पर विराम लगाते हुए सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मिलने की बात कही। इसके बाद खुफिया एजेंसी ने राहत की सांस ली।