नूंह। यासीन मेव डिग्री कॉलेज की ईदगाह में चल रहे इस्लामिक जलसे के तीसरे और अंतिम दिन सोमवार को हजारों लोगों ने देश-दुनिया में शांति और भाईचारे की दुआ की। इस तब्लीगी जलसे में राजस्थान के अलवर, भरतपुर, कांमा, टपूकड़ा, भिवाड़ी, उतर प्रदेश के कोसीकलां, अलीगढ़, जेवर, पलवल, फरीदाबाद के अलावा मेवात के सभी खंडों के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। जलसे में मौलाना हजरत मोहम्मद शाद ने लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की सीख दी। उन्होंने दीन पर चलकर देश की अमन शांति में लोगों को भागीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने लोगों को गरीबों की मदद करने की सलाह दी।
हजरत मौलाना मोहम्मद शाद ने कहा कि अल्लाह उसकी मदद करते हैं जो अपनी मदद खुद करता है। हमेशा सच्चाई का साथ देना हर व्यक्ति का परम कर्तव्य है। दुनिया में आज कई तरह की बुराई फैल रही है। इन बुराइयों से आज के युवाओं को दूर रहना चाहिए। आज के युवाओं को भी अपने आसपास समाज की बुराइयों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। दहेज प्रथा, जुआ सट्टा, नशाखोरी सहित अन्य सामाजिक बुराइयों से दूरी बनाने की अपील की। इस दौरान मौजूद हजारों लोगों ने मौलाना मोहम्मद शाद को बड़ी ही शांति से सुना। जलसे के दौरान स्थानीय लोगों ने भी मेहमानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो उसके लिए पूरा सहयोग किया।
शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जलसा से कई दिनों पूर्व से शहर के सभी चौक चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। किसी भी प्रकार की घटना के निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद दिखी। जलसे में आए लोगों ने शांति अमन का संदेश दिया। पुलिस ने लोगों के सहयोग से शहर के अड़बर चौक, तावडू चौक, खेड़ा मोड़ के अलावा रेस्ट हाउस रोड से सभी रास्तों को से जाम की स्थिति पर काबू पाया।
हिंदू मुस्लिम गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिली
जलसे के दौरान नूंह नगरपालिका की चेयरपर्सन सीमा सिंगला द्वारा यासीन मेव डिग्री कॉलेज के बाहर जलसे में आने वाले लोगों के लिए खानपान का पूरा प्रबंध किया था जिसकी लोगों ने काफी प्रशंसा की। इस दौरान जलसे में आए लोगों ने यहां पर निशुल्क खानपान का पूरा आनंद लिया।
सभी सुविधाओं पर रखी नजर ऱ्
जलसे में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, उससे निपटने के लिए पूर्व विधायक जाकिर हुसैन लोगों के साथ तीन दिन तक जलसे में लगे रहे। बिजली, पानी, चिकित्सा सहित अन्य प्रकार के पूरे प्रबंध किए गए। इसके लिए पूर्व विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पहले ही बैठक कर पूरा कर लिया। जिससे जलसे में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।