-विद्युत वितरण निगम की ओर से उच्च अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। गर्मी के दिनों में बिगड़ा विद्युत विभाग के इंफ्रास्ट्रक्चर लोगों की जान को खतरा बन गया है। हाल ही में यमुना सिटी के अंतर्गत रबूपरा और दनकौर क्षेत्र में हुए हादसे में एक युवक की जान चली गई। लंबे समय मरम्मत की मांग रहे इस इंफ्रा को दुरुस्त करने की आवश्यकता है लेकिन विद्युत वितरण निगम की आंखें बंद हैं।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के ट्रांसमिशन विभाग के अंतर्गत जहां 220 केवी (किलो वोल्ट), 132 केवी और 33 केवी की लाइन आती हैं। वहीं, विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत 33 केवी, 11 केवी की हाइटेंशन लाइन आती हैं। इनमें से कई हाईटेंशन लाइनें 20 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी हैं। ऐसे में इन लाइनों को मरम्मत की दरकार है। रबूपुरा और दनकौर में 33 केवी की कुछ स्थानों पर लाइन पुरानी हो गई है। यहां कुछ स्थानों पर पोल भी लंबी दूरी पर होने के चलते तार मानक से अधिक नीचे लटके हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर पोल भी जर्जर हैं। इन क्षेत्रों के लोगों ने कई बार शिकायतें की हैं। वहीं, विभाग की ओर से भी उच्च अधिकारियों को ऐसे स्थानों पर तारों को कसने और अधिक पोल लगाने के एस्टीमेट गए हैं।
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अवैध रूप से घर का निर्माण करा लेते हैं ग्रामीण
मानक के अनुसार, किसी भी हाइटेंशन लाइन के नीचे घर का निर्माण अवैध माना गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में जेवर, रबूपुरा, दनकौर और बिलासपुर में लोगों ने हाइटेंशन लाइनों के नीचे घरों का निर्माण करा लिया है। कई बार यह दो से तीन मंजिला तक मकान बना लेते हैं।
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दूर-दूर बना लिए जाते हैं हाइटेंशन पोल
हाइटेंशन लाइन की क्षमता के अनुसार दो पोल के बीच अलग-अलग दूरी रखी जाती है। विभाग को कई बार मानक दूरी के अनुसार भूमि नहीं मिल पाती है। इसके बाद मानक को दरकिनार कर दो पोल के बीच दूरी बढ़ा दी जाती है। ऐसे में तार अधिक लटक जाते हैं और लोगों के लिए काल बन जाते हैं। इसके अलावा जर्जर पोल और जर्जर तारों को भी समय रहते बदला नहीं जाता है।
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बड़ी संख्या में लोग हाइटेंशन लाइन के नीचे अवैध रूप से घर बना लेते हैं। इनको नोटिस भेजा जाएगा। निर्माण न रोकने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अजय कुमार गुप्ता, एसडीओ रबूपुरा