नोएडा। दिल्ली से सेक्टर-39 में केक डिलीवरी करने के बाद डिलीवरी बॉय घर से साइकिल उठा ले गया। मामले में कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस से शिकायत की गई है। पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मुहैया कराई गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले की शिकायत ट्विटर पर भी की गई है। वरुण यादव ने नोएडा कमिश्नरेट पुलिस को टैग करते हुए ट्विटर शिकायत की है कि 11 जुलाई को दिल्ली के रेस्तरां में केक का ऑर्डर दिया था। इसके बाद स्वीगी का डिलीवरी बॉय घर पहुंचा और केक दे दिया।
करीब सवा घंटे के बाद डिलीवरी बॉय दोबारा आया और घर के अंदर रखी साइकिल को बाइक में बांधकर फरार हो गया। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद है। इसके बाद इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर बाइक का नंबर निकाला। छानबीन में पता चला कि बाइक दिल्ली के सुशील कुमार के नाम पर पंजीकृत है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उठाया। इस पर लाइक से लेकर री-ट्वीट तक किया। मामले में दिल्ली के उस रेस्टोरेंट को भी जानकारी दी गई है, जहां से केक ऑर्डर किया गया था।
स्कूटी का लॉक तोड़ कोतवाली ले गए पुलिसकर्मी, सीसीटीवी में कैद
कस्बा स्थित एक घर के बाहर से शनिवार की रात दो पुलिसकर्मी स्कूटी का लॉक तोड़कर कोतवाली ले गए। पुलिसकर्मियों की हरकत पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिसकर्मियों की हरकत इलाके में चर्चा का विषय बनी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि स्कूटी लावारिस अवस्था में खड़ी थी। वहीं, उसमें लॉक भी नहीं लगा था। मोहल्ला सिरोधनिया निवासी अनजान अली ने बताया कि करीब 6 महीने एक स्कूटी खरीदी थी। घर में जगह नहीं होने से स्कूटी चबूतरे पर ही खड़ी रहती थी। आरोप है कि शनिवार रात करीब 1:30 बजे एक बाइक पर सवार दो पुलिसकर्मी उनकी स्कूटी के पास खड़े हो जाते हैं।
कुछ देर बाद एक पुलिसकर्मी स्कूटी को नीचे उतारने का प्रयास करता है, लेकिन लॉक लगा होने से उतार नहीं पाता। इसके बाद दोनों स्कूटी का लॉक तोड़कर नीचे उतार लेते हैं और धक्का लगाते हुए स्कूटी ले जाते हैं। यह घटना पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे के कैद हो गई। रविवार सुबह जब पीड़ित को स्कूटी नहीं मिली तो सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। इसके बार पीड़ित ने मामले की शिकायत डायल-112 पर की। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने स्कूटी का चालान कर पीड़ित के सुपुर्द कर दी। इस मामले में एडिशनल डीसीपी विशाल पांडे का कहना है कि स्कूटी घर के बाहर लावारिस अवस्था में खड़ी थी। उसमें लॉक भी नहीं लगा था। स्कूटी चोरी न हो जाए, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मी उसे कोतवाली ले आए।