शहर में कुछ नामचीन मिठाई की दुकानों पर भी मिठाइयों की ‘उम्र’ यानी एक्सपायरी डेट नहीं बताई जा रही है। कुछ बडे़ ग्रुप की दुकानों को छोड़ दें तो ज्यादातर ने मिठाइयों की एक्सपायरी डेट डालना बंद कर दिया है। ऐसे में कई दिन पहले बनी मिठाइयों को बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। आप होली पर मिठाई खरीदने जा रहे हैं तो यह जानकारी होनी चाहिए कि जो मिठाई आप खरीद रहे हैं, वह ताजा है या नहीं। ऐसा तो नहीं कि हफ्ता-दस दिन पहले बनाकर रखी गई मिठाई दुकानदार बेच रहा हो। मंगलवार को अमर उजाला ने शहर के विभिन्न इलाकों में मिठाई की दुकानों पर एक्सपायरी डेट की हकीकत जानी। ज्यादातर दुकानों में रखी मिठाई से यह जानकारी गायब थी। हालांकि, कुछ एक दुकानों पर नियमों का पालन किया जा रहा है।
ट्रे पर एक्सपायरी डेट लिखना जरूरी है
बीते साल सरकार ने आदेश जारी किया था कि दुकानदार मिठाई की ट्रे पर एक्सपायरी डेट अवश्य अंकित करेंगे। ऐसा नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस आदेश का असर शुरुआती कुछ दिनों तक तो दिखाई दिया, लेकिन इसके बाद दुकानदार लापरवाह हो गए। सरकारी मशीनरी भी इस ओर से बेपरवाह होती चली गई। मौजूदा समय में होली के मद्देनजर मिठाइयां बनाई जा रही हैं। ऐसे में कई दिन पुरानी मिठाइयों की बिक्री भी धड़ल्ले से जारी है।
एक पखवाडे़ पहले से बनाई जा रही है मिठाई
होली पर गुझिया व अन्य मिठाइयों की जबरदस्त मांग को देखते हुए मुख्य बाजारों के साथ ही गली-मोहल्लों में संचालित दुकानों पर मिलावटी और निमभन स्तर की मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। करीब एक पखवाडे़ पहले से ही मिठाइयां बननी शुरू हो गई हैं। जाहिर है कि होली तक ज्यादातर मिठाई खराब हो जाएगी। यह मिठाई रंगों के त्योहार पर लोगों की सेहत बिगाड़ सकती है। ऐसे में सावधानी से खरीदारी करना ही समझदारी है।
नामचीन दुकानों से पर नहीं मिली एक्सपायरी डेट
सेक्टर-22 में एक ही लाइन में तीन नामचीन मिठाई की दुकानें हैं। इनमें किसी भी दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची नहीं लगाई गई थी। दुकान पर बैठे युवक से इस बाबत पूछा गया तो उसका कहना था कि उन्हें जानकारी ही नहीं है कि मिठाई की ट्रे पर एक्सपायरी डेट की पर्ची भी लगाई जाती है।
किस मिठाई की होती है कितनी उम्र
- एक-दो दिन चलने वाली मिठाई : कलाकंद, मिल्ककेक, रसगुल्ला, रबड़ी, रस मलाई, शाही टोस्ट, मलाई रोल, खीर मोहन, मोहन भोग।
- तीन-चार दिन चलने वाली मिठाई : मावा घेवर, गुझिया, तिल बुग्गा, केसर कोकोनट, मोदक, खोवा-बादाम बर्फी, प्लेन बर्फी, चॉकलेट बर्फी, पेड़ा, नारियल की बर्फी, मोतीचूर का लड्डू आदि।
- सात दिन तक चलने वाली मिठाई : प्लेन घेवर, मूंग बर्फी, आटा लड्डू, काजू कतली, काजू केसर बर्फी, काजू रोल व बालूशाही आदि।
कोरोना की वजह से मिठाई की एक्सपायरी डेट नहीं लिखने वालों के खिलाफ अभियान रुक गया था। अब होली पर अभियान शुरू कर दिया गया है। तीन दिन पहले ही विभाग की ओर से 41 रेस्तरां और मिठाई दुकानदारों को ट्रेनिंग दी गई है कि वह किस प्रकार अपनी एक्सपायरी डेट डिस्प्ले कर सकते हैं। ट्रेनिंग के बाद भी एक्सपायरी डेट छिपाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संजय शर्मा, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी