नूंह। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर जिला स्तरीय प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जिले के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया। इससे पहले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की स्थानीय गांधी पार्क में एक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता यूनियन के प्रधान महेश चंद ने की। मौके पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनियन के राज्य महासचिव विनोद कुमार व सीटू राज्य उपाध्यक्ष रमेशचंद्र ने कहा कि कोरोना योद्धा बताने वाली हरियाणा सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है।
सफाई कर्मचारियों को न सुरक्षा उपकरण मिल रहे है न ही कोई चिकित्सा सहायता दी जा रही है। बार-बार मांग करने के बाद भी कर्मचारियों को 4000 रुपये जोखिम भत्ता और कोरोना अवधि के दौरान 50 लाख बीमा कवर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी सफाई कर्मियों को न्यूनतम 15000 रुपये दिए जा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को 12500 रुपये मिल रहे हैं। इसको किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकारी आदेश के बावजूद 9 महीने गुजर चुके हैं उसके बाद भी आज तक ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में कवर नहीं किया गया। 3 जुलाई को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर ब्लॉक स्तर पर जोरदार प्रदर्शन किए जाएंगे और 6 से 8 जुलाई को राज्यव्यापी हड़ताल करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा तथा आगामी आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए आगामी 30 जून को यूनियन कार्यकर्ताओं की राज्य स्तरीय कार्यकर्ता बैठक रोहतक में करके आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य मांगों में अनिल विज के साथ बनी सहमति अनुसार सभी शहरी व ग्रामीण सफाई कर्मियों को 4000 जोखिम भत्ता दिया जाए।
पंचायत विभाग के 4 सितंबर 2019 व 17 मार्च 2020 के आदेश अनुसार सभी कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में कवर किया जाए तथा ईपीएफ राशि पीएफ बोर्ड के पास जमा करवाया जाए। मई के वेतन समेत सभी का बकाया वेतन व 2020 के वर्दी भत्ते का तुरंत भुगतान किया जाए और वर्दी भत्ते को 8 हजार रुपये वार्षिक किया जाए।