हिमालयन इंस्टीट्यूट हास्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) संस्थापक डॉ. स्वामीराम का 30वां महासमाधि दिवस के अवसर पर सुमंगली सेवा आश्रम (कर्नाटक) को स्वामीराम मानवता पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया।
बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि डॉ. स्वामी रामजी विश्व की धरोहर हैं। स्वामीजी मानवता और सेवा के संवाहक रहे हैं। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने डॉ. स्वामी राम से जुड़े संस्मरणों को साझा किए।
उन्होंने कहा कि संस्थान स्वामीजी के उद्देश्य के अनुसार ही जन सेवा के पथ पर अग्रसर है। समारोह में संस्थान के 39 कर्मचारियों को उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कर्नाटक के सुमंगली सेवा आश्रम को स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया। आश्रम को पुरस्कार के रूप में 10 लाख रुपये, प्रशस्तिपत्र और मेडल दिया गया।
यह पुरस्कार सुमंगली सेवा आश्रम की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. एसजी सुशीलम्मा ने ग्रहण किया। यह आश्रम पचास साल से निराश्रित महिलाओं, अनाथ बच्चों, वृद्धों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सेवा में लगा है। ग्राम्य विकास विभाग ने 108 बच्चों को छात्रवृति की प्रदान की। इस अवसर पर कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, पूर्व कुलाधिपति डॉ. मोहन स्वामी, स्वामी ऋतुवान भारती, विक्रम सिंह, डॉ. प्रकाश केशवया, डॉ. रेनू धस्माना, डॉ. विजेंद्र चौहान, डॉ. गरिमा मित्तल, डॉ. संजीव कुमार पांडे, प्रीति प्रभा, डॉ. मनीष रतूड़ी,डॉ.राखी खंडूड़ी, आशू बहुगुणा, प्रमोद कोठारी, मनमोहन भट्ट, सुरेंद्र भंडारी, दीप चंद्र जोशी, अनुज सिंधवाल आदि उपस्थित रहे।