फैक्टरी संचालक समेत चार आरोपी गिरफ्तार, पिकअप से नोएडा में खपाने ला रहे थे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-63 पुलिस ने अलीगढ़ में नकली पनीर बनाने वाली फैक्टरी का खुलासा किया है, जहां से नोएडा और दिल्ली समेत एनसीआर के अन्य शहरों में सप्लाई होता था। पुलिस ने सहजपुरा गांव निवासी गुड़्डू उर्फ हरीश, गुलफाम, नावेद और बालनपुर निवासी इकलाख को गिरफ्तार किया है। आरोपी नीले ड्रम में 14 कुंतल पनीर भरकर शहर में बचने लाए थे, जो केमिकल, रिफाइंड और रंग मिलाकर तैयार किया गया था।
डीसीपी (सेंट्रल नोएडा) शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि शनिवार रात पुलिस चेकिंग कर रही थी। इस दौरान महिंद्रा पिकअप को रोककर देखा गया तो उसमें नीले ड्रम में पनीर था। आरोपी नोएडा में सप्लाई करने के लिए ला रहे थे। चालक गुलफाम और उसके सहयोगियों नावेद व इकलाख से पूछताछ हुई तो मिलावटखोरी सामने आई। इस पर पुलिस ने रविवार को गुलफाम को साथ ले जाकर अलीगढ़ के पिसावा थाना क्षेत्र के सहजपुरा गांव पहुंची। वहां फैक्टरी में नकली पनीर बनाया जा रहा था।
छह महीने से फैक्टरी चला रहे थे दो भाई
पुलिस ने बताया कि दो भाई अफसर और गुड्डू खान इस फैक्टरी को चला रहे थे। अफसर अक्सर फरीदाबाद में रहता है। इसलिए गुड्डू की ही पुलिस को मौके पर मिला। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी छह महीने से यह फैक्टरी चला रहे थे। एडीसीपी ह्देश कठेरिया ने बताया कि जांच में कई और तथ्यों की जानकारी हुई है, जिनकी पड़ताल की जा रही है।
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मशीनें, केमिकल पाउडर, रिफाइंड बरामद
पुलिस ने फैक्टरी से पनीर बनाने का सामान पकड़ा है। दो बोरियों में करीब 25-25 किलो पाउडर पकड़ा गया, जिन पर मिल्क पाउडर लिखा था। दो टीन पॉम ऑयल और रिफाइंड, चार किलो केमिकल, एक मिक्स ग्राइंडर और दो शीशी में रंग समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
पनीर में नहीं होता था दूध
पुलिस के मुताबिक, आरोपी दूध की जगह केमिकल पाउडर से पनीर बनाया जा रहा था। दूध का उपयोग पूरी तरह से नहीं होता था। आरोपी मात्रा बढ़ाने के लिए चावल और सोयाबीन का घोल मिलाते थे। बरामद रंग डालने पर पनीर जैसी सफेदी पूरे मिश्रण में आ जाती थी। वहीं केमिकल व पाउडर से पनीर जैसी महक निकलती थी। चिकनाई बढ़ाने के लिए पॉम व रिफाइड ऑयल मिलाया जाता था। डीसीपी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि यह पनीर दूध की जगह केमिकल और पाउडर मिलाकर बनाया गया है। यह मिश्रण कितना खतरनाक है इसकी जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम से नमूने की जांच करवाई गई। इसके साथ ही नमूना जांच के लिए आगरा भेजा गया है।
छोटे बाजारों में बिक्री ज्यादा
शहर में हर दिन अलग-अलग जगहों पर लगने वाले छोटे-छोटे बाजारों में नकली पनीर ज्यादा बेचा जाता है। छिजारसी, बहालोलपुर, हरौला, बरौला, सलारपुर, भंगेल व अन्य जगहों पर लगने वाले पटरी बाजारों में यह पनीर 200 से 240 रुपये प्रति किलो तक बेचा जाता है। कुछ जगहों पर इसकी कीमत 160 रुपये प्रति किलो भी रहती है।
ऐसे करें नकली और असली पनीर की पहचान
1.छू कर लगाएं अंदाजा : असली पनीर मुलायम, दानेदार होता है। ज्यादा चिकना नहीं होता। ज्यादा चिकनाई और कठोर पनीर नकली या मिलावटी हो सकता है।
2. देखकर परखें : असली पनीर का रंग सामान्य सफेद या दूध के रंग से मिलता-जुलता होता है। अगर रंग ज्यादा सफेद, चमकीला या हल्का पीला है तो वह मिलावटी या नकली हो सकता है।
3.उबाल कर देखें : पनीर का एक टुकड़ा पानी में उबालें और ठंडा होने पर उस पर आयोडीन टिंचर डालें। रंग नीला हो जाए तो मान लें कि पनीर नकली है।
4. स्वाद : असली पनीर खाने पर उसमें दूध जैसा स्वाद आता है। आसानी ये मुंह में घुल भी जाता है।