नोएडा। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल (एनसीएलटी) ने सुपरटेक लिमिटेड को 19 अप्रैल तक के लिए संजीवनी देते हुए बैंकों से बातचीत का मौका दिया है। 19 अप्रैल तक कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स के गठन पर भी रोक लगा दी है। ऐसे में सुपरटेक के लिए यह फायदे का सौदा होगा। यही नहीं, अगर बैंकों से बातचीत के बाद मामले का हल निकल जाता है तो संभव है कि सुपरटेक के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया वापस हो जाए। ऐसे में खरीदारों को भी लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
एनसीएलटी से सुपरटेक ने बैंकों से बातचीत के लिए समय मांगा था। अब एनसीएलटी ने अपील मानते हुए सुपरटेक को 19 अप्रैल तक का समय दे दिया। ऐसे में खुद बिल्डर के लिए यह राहत भरी खबर है। अगर दिवालिया प्रक्रिया चलती रही तो सुपरटेक खुद कुछ नहीं कर पाएगा और इसके फ्लैट खरीदार भी लंबी प्रक्रिया के हिस्सा बने हुए बैठे रहेंगे।
अगर सुपरटेक बातचीत के माध्यम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ मामले का हल निकाल लेता है, तो इससे बिल्डर और खरीदार दोनों को फायदा होगा। लिहाजा सुपरटेक इस मौके को कभी भी चूकना नहीं चाहेगा। अगर 19 अप्रैल तक किसी तरह का हल नहीं निकला तो फिर दिवालिया प्रक्रिया की आगे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी और फिर लंबी प्रक्रिया में खरीदार समेत सभी बकायेदार फंसे रहेंगे।