क्योस्क आवंटन की मांग को लेकर दायर वाद खारिज
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के फैसले को जिला उपभोक्ता आयोग ने सही ठहराया
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नीलामी में लगाई गई बोली से मुकरने के बाद क्योस्क का आवंटन न करने के यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के फैसले को जिला उपभोक्ता आयोग ने सही ठहराया है। आयोग ने क्योस्क आवंटन की मांग को लेकर दायर वाद खारिज कर दिया।
इस मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने की। नई दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी हरीश चंद्र शर्मा ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्राधिकरण ने वाणिज्यिक क्योस्क आवंटन के लिए योजना निकाली थी। 17 जून 2022 को ई-ऑक्शन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। उन्होंने स्वरोजगार के उद्देश्य से एक क्योस्क के लिए 94,700 रुपये की धरोहर राशि जमा की।
23 अगस्त 2022 को सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ई-ऑक्शन हुआ। शिकायतकर्ता का दावा था कि अधिकतम बोली 21.07 लाख रुपये दिखाई जा रही थी, उनके नाम से स्वीकृत बोली में 20. 87 लाख रुपये दर्शाए गए, जिसे उन्होंने कभी नहीं लगाया। 7 सितंबर 2022 को घोषित परिणाम में उनका नाम सफल अभ्यर्थियों की सूची में नहीं था। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद प्राधिकरण ने उनकी धरोहर राशि वापस कर दी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ई-ऑक्शन में छेड़छाड़ हुई है और अनुचित व्यापार पद्धति अपनाई गई। उन्होंने साइबर सर्विलांस, वीडियो फुटेज और नीलामी का पूरा विवरण उपलब्ध कराने तथा नीलामी निरस्त करने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता की बोली 20.87 लाख रुपये दर्ज है और प्राधिकरण की ओर से सेवा में कोई कमी नहीं की गई।