आज प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया जाएगा सुदीक्षा का जन्मदिन
ग्रेटर नोएडा। प्रतिभा के दम पर अमेरिका तक का सफर तय करने वाली डेरी स्कनर गांव की छात्रा सुदीक्षा ने संस्कृत और फ्यूजन डांस में भी टॉप किया था। लॉकडाउन में अमेरिका से भारत आने के बाद 10 अगस्त को बुलंदशहर के औरंगाबाद में एक हादसे में सुदीक्षा की मौत हो गई थी। शुक्रवार को सुदीक्षा का जन्मदिन उसके गांव डेरी स्कनर, बुलंदशहर, मेरठ और हापुड़ के गांवों में प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस मौके पर पहुंचने वाले लोगों को सुदीक्षा के जीवन पर लिखी गई पुस्तक भेंट की जाएगी। यह पुस्तक सुदीक्षा के मामा मधुर ने लिखी है।
मधुर ने बताया कि साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद सुदीक्षा असाधारण प्रतिभा की धनी थी। उसने हर बाधा और परीक्षा को बेहतर ढंग से पास किया था। उसकी बायोपिक पढ़ने के बाद निश्चित ही बच्चों को प्रेरणा मिलेगी, इसलिए परिजन 8 जनवरी को प्रेरणा दिवस के रूप में उसका जन्मदिन मना रहे हैं। सुदीक्षा ने वर्ष 2013-14 में नोएडा के मयूर स्कूल में फ्यूजन डांस में शिरकत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। वहीं, आठवीं में ही उसने संस्कृत में भी स्कूल टॉप किया था। इसी वर्ष सुदीक्षा ने ड्यूक यूनिवर्सिटी टैलेंट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम सोनीपत में हिस्सा लिया था। गणित ओलंपियाड में लोहा मनवाया। वर्ष 2016 में 10वीं कक्षा में अव्वल आने पर उसे पहली बार 28 दिन के टूर पर अमेरिका भेजा गया था। उसने यह पता कर लिया था कि छात्रवृत्ति प्राप्त कर अमेरिका में आगे की पढ़ाई की जा सकती है। इसके बाद उसने पूरा ध्यान स्कॉलरशिप प्राप्त करने पर लगाया और 3.80 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त की। इसके बाद वह 12वीं करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गई। दूसरी बार अमेरिका जाने पर सुदीक्षा ने अपने जैसी बच्चियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने की योजना पर काम किया। उसने पता लगाया था कि कई विदेशी संस्थाएं इसके लिए आर्थिक और अन्य रूप से मदद करती हैं। इन संस्थाओं से संपर्क कर सुदीक्षा भारत की साधारण परिवार की बच्चियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने की योजना तैयार कर रही थी। उसकी बायोपिक में इसके अलावा उसके जीवन की और भी उपलब्धियों का जिक्र किया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुदीक्षा के परिजन से मुलाकात कर गांव में पुस्तकालय व प्रेरणा स्थल बनाने की मंजूरी दी थी।