गांव बिजौली निवासी चांदबाबू (55) पुत्र नन्ने खान शुक्रवार की शाम आलमपुर चौराहे के पास चलती मोपेड से सड़क किनारे गिर पड़े और बेहोश हो गए। राहगीरों ने फोन कर खबर दी तो परिजन भागते हुए पहुंचे और तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पुत्र बिलाल ने बताया कि उसका अपनी पत्नी के साथ दहेज का मुकदमा सहसवान जिला बदायूं में चल रहा है। इसी मुकदमे की शनिवार को तारीख में उनके पिता चांदबाबू अपनी मोपेड से गए थे। वहां से लौटते समय शाम करीब पांच बजे आलमपुर चौराहे के पास दादों मार्ग किनारे वह राहगीरों को बेहोशी की हालत में सड़क किनारे पड़े मिले। उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। पास ही मोपेड पड़ी थी, लेकिन मोपेड में किसी तरह के निशान नहीं थे।
किसी राहगीर ने उनकी जेब से मोबाइल निकालकर खबर दी जिस पर परिवार के लोग भागकर मौके पर पहुंचे और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छर्रा ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। चांदबाबू अपने पीछे पत्नी, चार बेटों और तीन बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिजन ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव दफना दिया है।
वहीं दादों थाना प्रभारी धीरज कुमार का कहना है कि घायल को परिजन छर्रा सीएचसी ले गए थे इसके बाद कोई सूचना पुलिस को नहीं दी। चोट कैसे लगी फिलहाल यह जानकारी नहीं है। परिजन ने प्रार्थना पत्र नहीं दिया है। प्रार्थना पत्र देते हैं तो जांच की जाएगी।