-आत्महत्या के बाद युवक का शव एंबुलेंस से हाथरस ले जाने का बाद खुला मामला
-हाथरस पुलिस द्वारा गए पोस्टमॉर्टम के बाद कासना कोतवाली ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर भेजा जेल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कासना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत केयरटेकर और उसके पुत्र द्वारा की गई पिटाई से क्षुब्ध होकर एक फैक्टरीकर्मी ने आत्महत्या कर ली। कासना कोतवाली पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। हाथरस निवासी जितेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका भाई वीपी सिंह कासना कस्बे में जितेंद्र नागर इमलिया के मकान में रह रहा था। मकान की देखरेख करने वाले रोहतास बिहार निवासी मनोज पासवान और उसके पुत्र नीरज पासवान के साथ उसका बीते रविवार की रात किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के दौरान दोनों ने वीपी सिंह के साथ मारपीट की। मारपीट के बाद आहत होकर युवक ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद दोनों आरोपी शव को एंबुलेंस में रखकर हाथरस स्थित मृतक के पैतृक गांव ले आए।
घटना की सूचना हाथरस पुलिस को दी गई। जिसके बाद हाथरस पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कासना कोतवाली पुलिस को सौंप गई। जिसमें मारपीट की भी पुष्टि हुई। वहीं कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ल का कहना है कि युवक अपने परिवार के साथ रहता था। आरोप है कि वह शराब का आदी था। घटना वाले दिन वीपी सिंह को किसी बात को लेकर पिता-पुत्र के साथ विवाद हो गया था। केयरटेकर मनोज पासवान ने अपने पुत्र नीरज पासवान को बुलाकर वीपी सिंह की पिटाई कर दी थी। इस कारण युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।