घरों और दफ्तरों की शोभा बढ़ा रही सहारनपुर की आर्टिफिशियल हैंगिंग बेल्स
हस्तशिल्प कारीगरों की महीन कारीगरी ने देश-विदेश के खरीदारों को किया आकर्षित
इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित दिल्ली मेले में यूरोप से अमेरिका तक बढ़ी मांग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित दिल्ली मेले में इस बार सहारनपुर की आर्टिफिशियल हैंगिंग बेल्स खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इन सजावटी बेल्स ने न केवल घरेलू खरीदारों बल्कि विदेशी व्यापारियों का भी ध्यान खींच रखा है।
स्टॉल पर लगातार उमड़ रही भीड़ इस बात का प्रमाण है कि पारंपरिक कारीगरी का जादू आज भी बरकरार है। पश्चिमी उत्तर प्रदेेश का सहारनपुर जिला अपनी नक्काशीदार लकड़ी के फर्नीचर और हस्तशिल्प के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां के कारीगर अब आधुनिक इंटीरियर ट्रेंड के अनुसार आर्टिफिशियल हैंगिंग बेल्स तैयार कर रहे हैं। इन बेल्स को बनाने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है। पहले मजबूत लेकिन हल्की लकड़ी या फाइबर बेस तैयार किया जाता है। इसके बाद कुशल कारीगर हाथों से बेल की आकृति उकेरते हैं। फिर उस पर पॉलिश, पेंटिंग और एंटीक फिनिश दी जाती है। जिससे यह बिल्कुल प्राकृतिक बेल की तरह दिखाई देती है। कुछ डिजाइनों में एलईडी लाइट्स और सजावटी मोतियों का भी उपयोग किया जाता है, जिससे इनकी खूबसूरती और बढ़ जाती है।
भारतीय हस्तकला को वैश्विक पहचान दिला रही हैंगिंग बेल्स
मेले में आए खरीदार विनोद का कहना है कि यह बेल्स घरों, होटलों, कैफे और रिसॉर्ट्स की सजावट के लिए बेहद शानदार हैं। हल्की होने के कारण इन्हें आसानी से दीवारों या छत से लटकाया जा सकता है। खास बात यह है कि इनमें रखरखाव की जरूरत बहुत कम होती है, जिससे इनकी मांग और बढ़ रही है। सहारनपुर के व्यापारियों के अनुसार भारत में तैयार होने के बाद यह हैंगिंग बेल्स अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में निर्यात की जा रही हैं। यूरोप और खाड़ी देशों में भारतीय हस्तशिल्प की बढ़ती लोकप्रियता का सीधा लाभ सहारनपुर के कारीगरों को मिल रहा है। हैंगिंग बेल्स भारतीय हस्तकला को वैश्विक पहचान दिला रही है।