-ओपन हाउस में वैज्ञानिक पोस्टर, लाइव डेमो और शोध प्रोजेक्ट किए गए प्रदर्शित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में शनिवार को आयोजित ओपन हाउस 2025 के 18वें संस्करण में युवाओं ने भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों का जीवंत ढांचा देखा। इस वार्षिक आयोजन में संस्थान के छात्रों और शोधकर्ताओं द्वारा विकसित नवाचारों को उद्योग, सरकारी एजेंसियों, स्कूल-कॉलेज छात्रों और आम जनता के सामने प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में करीब 3500 आगंतुकों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थी, शिक्षक, उद्योग प्रतिनिधि और फंडिंग एजेंसियों के सदस्य शामिल थे।
ओपन हाउस में 200 से अधिक वैज्ञानिक पोस्टर, लाइव डेमो और 20 शोध प्रयोगशालाओं के प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए। इनमें कंप्यूटर विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ), रक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, सतत ऊर्जा और क्वांटम तकनीकों जैसे क्षेत्रों की झलक मिली। इस वर्ष की थीम दस प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रही, जिसमें स्वास्थ्य एवं जैव प्रौद्योगिकी, इंडस्ट्री 4.0 और रोबोटिक्स, स्मार्ट व सतत अवसंरचना, एडवांस्ड मटेरियल्स, ऊर्जा व जलवायु, क्वांटम व सेमीकंडक्टर तकनीक, अगली पीढ़ी के संचार, नीति व प्रबंधन अध्ययन, एआई और मौलिक विज्ञान शामिल थे। उल्लेखनीय प्रोजेक्ट्स में 3डी मैपिंग विद 2डी लिडार, सीलिएक रोग की स्वचालित पहचान प्रणाली, ऊर्जा-सक्षम स्मार्ट विंडो, रीवियर टेक्सटाइल वेस्ट से सतत वस्त्र निर्माण और नैनोसेंस गैस सेंसर जैसे नवाचार प्रमुख थे। आईआईटी दिल्ली के अनुसंधान व विकास डीन प्रो. अश्विनी अग्रवाल ने कहा कि यह आयोजन समाज के सभी वर्गों के लिए संस्थान के द्वार खोलता है।