ग्रेटर नोएडा/दनकौर। औरंगपुर गांव से कक्षा चार के छात्र यश नागर के अपहरण के मामले में पुलिस ने रविवार देर रात मुठभेड़ के बाद एक आरोपी चांदपुर फरीदाबाद निवासी इंतजार को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में गोली लगने से घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरा आरोपी व इंतजार का चचेरा भाई नदीम अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में कामयाब रहा। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। गिरफ्तार आरोपी से पुलिस ने एक बाइक और तमंचा बरामद किया है।
डीसीपी राजेश कुमार सिंह और एडिशनल डीसीपी विशाल पांडे ने बताया कि रविवार देर रात दनकौर पुलिस को सूचना मिली कि बाइक सवार बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। पुलिस ने दनकौर क्षेत्र में पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर बदमाशों की घेराबंदी की तो उन्होंने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से आरोपी इंतजार घायल हो गया और पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। पुलिस आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
पुलिस ने बताया कि 13 फरवरी को औरंगपुर गांव निवासी संदीप नागर के 12 वर्षीय भतीजे यश नागर को घर के बाहर से बाइक सवार दो बदमाशों ने अगवा कर लिया था। गांवों में आते समय बदमाश सीसीटीवी में कैद हुए थे, लेकिन जाते हुए नजर नहीं आए। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अपहरण के बाद बच्चे को अपने चाचा के घर रखा था। इस बात का पता बदमाशों के परिजनों को भी चल गया था। परिजनों के दबाव में बदमाश 14 फरवरी की रात बच्चे को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नजदीक पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए थे। उसके बाद से ही पुलिस बदमाशों को तलाश रही थी।
आरोपी के पिता से हुई थी दो लाख की ठगी
पुलिस के अनुसार इंतजार और नदीम चचेरे भाई हैं। कुछ समय पहले नदीम के पिता से दो लाख रुपये की ठगी हुई थी। ऐसे में परिवार को कर्ज लेना पड़ा था। कर्ज को चुकाने के लिए दोनों आरोपियों ने बच्चे के अपहरण की साजिश रची थी। बाद में परिजनों के दबाव और फंसने के डर से दोनों आरोपी बच्चे को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास छोड़ गए थे।