-शिक्षा विभाग ने पीएम पोषण पोर्टल पर मैसेज डालना अनिवार्य किया
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पुन्हाना ने मिड डे मील (एमडीएम) योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन को लेकर सभी सीआरसी प्राचार्यों और स्कूल मुखियाओं को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश 19 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। बीईओ कार्यालय की ओर से जारी पत्र में साफ किया गया है कि मिड डे मील में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक विद्यालय में मिड डे मील का मेन्यू चार्ट अनिवार्य रूप से लगाया जाए, ताकि बच्चों और अभिभावकों को प्रतिदिन बनने वाले भोजन की जानकारी मिल सके। मिड डे मील केवल निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही बनाया जाए और भोजन की गुणवत्ता व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। भोजन पूरी तरह स्वच्छ वातावरण में तैयार होना चाहिए। बीईओ ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मिड डे मील बच्चों की वास्तविक उपस्थिति के अनुसार ही पकाया जाए, ताकि राशन की बर्बादी या गड़बड़ी न हो। यदि किसी विद्यालय में किसी दिन राशन उपलब्ध नहीं है, तो नजदीकी स्कूल से उधार लेकर मिड डे मील बनाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री जैसे केला, बिस्कुट या किसी भी तरह का फ्रूट बांटना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिस दिन मिड डे मील का मैसेज प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण पोर्टल पर नहीं किया जाएगा, उस दिन का राशन पका हुआ नहीं माना जाएगा। इससे साफ है कि ऑनलाइन रिपोर्टिंग को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। इसके अलावा, मिड डे मील व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) के लिए अलग-अलग मिड डे मील राशन पकाने और दोनों विंग्स के लिए अलग-अलग एमडीएम इंचार्ज नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की कमी, कोताही या आदेशों की अवहेलना पाई गई तो संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।