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Noida News: लावारिस कुत्ते अब सार्वजनिक स्थानों से हटेंगे, शहरवासियों ने ली राहत की सांस

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-पशु प्रेमियों ने भी आदेश को बताया जनहित के लिए उचित निर्णय
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सुप्रीम कोर्ट की ओर से मंगलवार को लावारिस कुत्तों को लेकर दिए गए बयान के बाद पशु प्रेमी और शहरवासी दोनों ही खुश और राहत महसूस कर रहे हैं। तमाम ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी निवासियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से लिया गया निर्णय जनहित में है। वहीं पशु प्रेमी व पशु अधिकार कार्यकर्ता संजय महापात्रा ने कहा कि स्थानीय स्तर पर यदि सरकारें नसबंदी, टीकाकरण, उपचार केंद्र व जन जागरूकता कार्यक्रम पर ध्यान देती तो शायद यह स्थिति उत्पन्न न होती।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने साल 2025 के नवंबर माह में दिए गए निर्णय को बरकरार रखते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया। तब निर्णय किया गया था कि अस्पतालों, बस अड्डो, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से पकड़े गए लावारिस कुत्तों को टीकाकरण या नसबंदी के बाद उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा। यानी कि सार्वजनिक स्थानों से पकड़े गए लावारिस कुत्तों को अब शेल्टर होम में रखा जाएगा। ऐसे में पशु प्रेमी व अन्य शहरवासियों ने अपनी अपनी राय दी है। उनका कहना है कि अब बस प्रशासन व नोएडा प्राधिकरण से उम्मीद है कि वह उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करें।
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यह बड़ा कदम है, सबसे ज्यादा पीड़ित ग्रुप हाउसिंग के निवासी हैं, जहां हजारों लोग रहते हैं। ऐसे में खूंखार लावारिस कुत्ते अब सार्वजिक स्थान से स्थानातरित होंगे। -अभिनव सैनी, ग्रैंड अजनारा हैरिटेज, सेक्टर 76

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से सहमत हूं, सोसाइटी में अक्सर देखा जाता है कि खूंखार लावारिस कुत्ते महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बनाते थें। इसके अलावा लोगों के घरों के बाहर गंदगी भी फैलाते हैं। -मोनिका चौहान, सनवर्ल्ड वनालिका, सेक्टर 107

रोजाना किसी न किसी सोसाइटी से लावारिस कुत्तों के काटने के मामले आते थे, लेकिन अब डॉग शेल्टर में रहेंगे तो उनकी फीडिंग भी होगी और देखभाल भी अच्छे से होगी।-
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संदीप सिंह चौहान, अध्यक्ष, फोना

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मानव व पशु दोनों के कल्याण के लिए लिया गया फैसला है, लेकिन स्थानीय प्रशासन व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि सभी का हित हो। -संजय महापात्रा, पशु अधिकार कार्यकर्ता

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