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ऑक्सीजन देना किया बंद, तीन एजेंसियों को नोटिस

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ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली तीन एजेंसियों को नोटिस जारी कर करार के तहत तत्काल आपूर्ति शुरू करने का आदेश दिया है। ऐसे नहीं करने पर प्रशासन उन पर कार्रवाई करेगा। प्रशासन को शिकायत मिली है कि ऑक्सीजन की मारामारी होने पर तीनों एजेंसी ने आपूर्ति बंद कर दी है। संक्रमण बढ़ने के साथ ही लोगों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता से मांग काफी अधिक है।
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जिला प्रशासन ऑक्सीजन की आपूर्ति को सामान्य बनाने में लगा है। जिले के एकमात्र ऑक्सीजन प्लांट से विभिन्न अस्पतालों को आपूर्ति की जा रही है। वहीं, कुछ एजेंसी अन्य जिले या राज्यों से भी अस्पतालों को ऑक्सीजन आपूर्ति करती हैं। काफी एजेंसी ने ऑक्सीजन की मारामारी होने पर आपूर्ति बंद कर दी है। अस्पतालों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) दिवाकर सिंह ने बताया कि मित्तल, पूजा और संजीवनी एजेंसी के खिलाफ शिकायत मिली है। इनका कई अस्पतालों के साथ करार है, लेकिन आपूर्ति नहीं कर रहे है। तीनों एजेंसी जिले के साथ गाजियाबाद के भी कुछ अस्पतालों में ऑक्सीजन पूर्ति करती है। तीनों को नोटिस जारी कर तत्काल आपूर्ति को सामान्य करने का आदेश दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर तीनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
लंबे समय से ऑक्सीजन पर थे, अब नहीं मिल पा रही
कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन की किल्लत ने नॉन कोविड मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के अधिकतर अस्पताल कोविड घोषित कर दिए गए हैं। प्रशासन की देखरेख में प्लांट से सारी ऑक्सीजन कोविड अस्पतालों को भेजी जा रही है। इस कारण घरों में लंबे समय से ऑक्सीजन पर चल रहे मरीजों को दिक्कत हो रही है। नॉन कोविड अस्पताल भी उनको भर्ती नहीं कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन की तरफ से इन मरीजों के लिए स्थिति साफ नहीं की गई है। इससे इनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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ओम इंटरप्राइजेज के मालिक अरविंद्र कुमार ने बताया कि पहले घर पर मरीजों को आसानी से ऑक्सीजन की सप्लाई कर देते थे। इसमें से किसी के लंग्स खराब थे या कोई अन्य बीमारी से पीड़ित था। इनको नियमित रूप से ऑक्सीजन की जरूरत होती थी, लेकिन अब सब प्रशासन के देखरेख में ही सप्लाई हो रही है। सारी ऑक्सीजन कोविड अस्पतालों को दी जा रही है। हम मुश्किल से 10 से 12 सिलिंडर मिल पा रहे हैं। जो सिलिंडर मिलते हैं, उनको नवजात बच्चों के अस्पतालों और अन्य जरूरी लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पहले 10 लीटर वाला सिलिंडर 150 और 46 लीटर वाला सिलिंडर 250 से 300 रुपये में भर जाता था, लेकिन अब तो मुंह बोले दाम में खरीदने पड़ रहे हैं। जब हमारे पास ऑक्सीजन के सिलिंडर ही नहीं हैं तो कहां से उपलब्ध कराएं।
फेलिक्स अस्पताल के सीएमडी डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि अगर किसी मरीज को घर पर ऑक्सीजन या अन्य उपचार की जरूरत होती थी और वो अस्पताल से होम केयर सुविधा ले लेते थे। ऐसे मरीजों को नर्स और अन्य सुविधाएं दी जाती थीं। ऐसे मरीजों का आंकड़ा कम रहता था, लेकिन जिन लोगों के पास होम केयर की सुविधा नहीं होती थी, उनको खुद से ऑक्सीजन और अन्य चीजें उपलब्ध करनी पड़ती हैं। इन दिनों ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन की वजह से परेशानी हो रही है।
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