नोएडा। कोरोना काल में एंबुलेंस चालकों की मनमानी जारी है और जरूरतमंदों से कई गुना अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। इसी तरह की शिकायत ट्विटर पर की गई है। सेक्टर-50 नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस चालक ने 40 हजार रुपये वसूल लिए। वहीं, मामले में नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने ट्विटर पर बताया कि इसकी शिकायत ट्रैफिक हेल्पलाइन पर करें।
मंगलवार को कुछ लोगों ने ट्वीट किया कि नोएडा में एंबुलेंस चालक किस तरह लोगों से पैसे वसूल रहे हैं। सोमवार को एक मरीज को अस्पताल में भर्ती होना था। इसके लिए उन्होंने निजी एंबुलेंस एजेंसी से बुकिंग कराई थी और पुष्पेंद्र सिंह चालक सेक्टर-50 स्थित मरीज के घर पहुंचा। चालक मरीज को लेकर प्रकाश अस्पताल पहुंचा और फिर वहां से ग्रेनो वेस्ट स्थित यथार्थ अस्पताल ले गया। सेक्टर-50 से यथार्थ अस्पताल के बीच 12 किलोमीटर की दूरी के लिए एंबुलेंस चालक ने 40 हजार रुपये वसूल लिए। शिकायतकर्ता ने ट्विटर पर बताया कि एंबुलेंस भी मानकों के अनुसार पूरी नहीं थी और अंदर रखा स्ट्रेचर टूटा था व मात्र 2 घंटे की ऑक्सीजन थी। मरीज को पहुंचाने के बाद 40 हजार रुपये लेने के बाद दो हजार रुपये अलग से ड्राइवर ने लिए। डीसीपी ट्रैफिक गणेश प्रसाद साह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और एंबुलेंस चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
‘एंबुलेंस लेने के लिए शाम को बात करना’
अमर उजाला संवाददाता ने मंगलवार सुबह से दोपहर तक शहर में एंबुलेंस उपलब्ध कराने वाली कई एजेंसियों से फोन पर संपर्क साधा। इस दौरान शहर में एंबुलेंस मुहैया कराने वाली एजेंसियों ने हाथ खड़े कर दिए। एजेसियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि एंबुलेंस सेवा के लिए शाम को चार-पांच बजे के बाद बात करना। जबकि कुछ एजेंसियों के कार्यालयों में फोन नहीं उठाया। एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी एंबुलेंस सुबह चली जाती है और शाम तक वापस आती है। अधिकतर एंबुलेंस पूरा दिन श्मशान घाटों में शव लेकर खड़ी रहती हैं। कुछ एंबुलेंस सुबह ही दिल्ली व अन्य स्थानों पर संक्रमितों व शवों को लेकर चली जाती हैं। इस कारण वे शाम को ही एंबुलेंस उपलब्ध कराने की स्थिति में होते हैं। वहीं, कई एजेंसी के प्रतिनिधियों ने बताया कि नोएडा से बाहर एंबुलेंस ले जाने पर वे दो सौ रुपये प्रति किलोमीटर किराया ले रहे हैं जो सामान्य एंबुलेंस का है। लंबी दूरी के लिए वे ऑक्सीजन वाली एंबुलेंस उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं हैं।