स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नोएडा यूनिट ने गो-तस्करी के एक मामले में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आरिफ हुसैन निवासी मुरादाबाद के रूप में हुई है। आरोपी चंदौली में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहा था।
एसटीएफ नोएडा के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्र का कहना है कि सोमवार को टीम को सूचना मिली कि गो-तस्करी के मामले में वांछित 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी आरिफ हरियाणा के सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र में छिपा हुआ है।
सूचना के बाद एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए उसे ग्रेटर नोएडा सूरजपुर स्थित एसटीएफ नोएडा कार्यालय लाया गया। यहां पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी लंबे समय से गो-तस्करी के संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ था।
उसके खिलाफ कई सूचनाएं मिल रही थीं। आरोपी के खिलाफ चंदौली के थाना कोतवाली में उत्तर प्रदेश गोहत्या निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा के अंतर्गत मामला दर्ज है। आरोपी के नेटवर्क और उसके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गो-तस्करी का यह गिरोह किन-किन राज्यों में सक्रिय था और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
कंटेनर से गोवंशीय पशुओं की तस्करी कराने का आरोप
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके मोहल्ले का रहने वाला हसीब नाम का व्यक्ति पहले से ही गो-तस्करी का काम करता था। उसी के संपर्क में आने के बाद उसने भी इस अवैध कारोबार में कदम रखा। आरिफ ने इस काम को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए अपने नाम से एक कंटेनर खरीदा था। इसी कंटेनर में गोवंश को भरकर विभिन्न राज्यों में तस्करी के लिए भेजा जाता था।
25 मई 2024 को आरोपी ने अपने कंटेनर में कानपुर क्षेत्र के जंगलों से गोवंश को लोड कराकर अपने गैंग के सदस्यों के जरिए बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजने की योजना बनाई थी। हालांकि रास्ते में ही चंदौली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस कार्रवाई के बाद से ही आरिफ फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मामले में पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। लगातार फरारी के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बचता रहा और हरियाणा में छिपकर रह रहा था।