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Noida News: एसटीएफ ने छह साइबर ठग पकड़े, 100 फर्जी खाते और नकली नोटों की गड्डी बरामद

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साइबर टीम ने गिरफ्तार किए आरोपी। स्रोत: पुलिस
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गाजियाबाद। नोएडा की एसटीएफ ने ऐसे गिरोह का राजफाश किया जो नोट बदलने का लालच देकर लोगों से ठगी करता था और गेमिंग एप के जरिए एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी कर चुका है। एसटीएफ ने विजयनगर क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार स्थित गौर सिद्धार्थम सोसायटी के एक फ्लैट से छह ठगों को गिरफ्तार किया है। इनसे 100 फर्जी आईडी पर खुले बैंक खातों के दस्तावेज और 25.60 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। नोट गिनने की मशीन और फर्जी आईडी भी बरामद हुई हैं। गिरोह को फर्जी आईडी पर खुले बैंक खाते बिहार के दानापुर स्थित तकियारपुर में बंधन बैंक शाखा का कर्मचारी तन्मय और सोनपुर के एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी अमिताभ और आयुष मुहैया कराते थे। यह गिरोह के सदस्य खुद को राजनीतिक दल के लिए रकम का इंतजाम करने वाले बताते और कहते कि उनके पास 100 और 200 के करोड़ों रुपये हैं।
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एसटीएफ एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि गिरोह के सदस्य फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करके शहर के अलग-अलग इलाकों में किराये पर फ्लैट लिए हुए हैं। इन फ्लैट्स का प्रयोग अस्थायी कार्यालयों के रूप में करते हैं। इंटरनेट मीडिया के जरिये मैसेज डालकर लोगों को करेंसी बदलने और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज करने का लालच देते देकर कार्यालयों पर बुलाते थे। उसे नोटों की एक असली गड्डी दिखाते थे। इसके बाद पीड़ित को बातों में उलझाकर और नोट गिनने का नाटक करके ध्यान भटकाते थे। इसी दौरान चालाकी से असली नोटों की गड्डी को एक लकड़ी के तख्त में बने गुप्त छेद के जरिए नीचे छिपा देते और नीचे पहले से मौजूद उनका साथी नकली नोटों की एक वैसी ही गड्डी उस छेद से ऊपर सरका देता था। पीड़ित को पता भी नहीं चलता था कि उसके साथ धोखा हो चुका है। पीड़ित नकली नोटों की गड्डी लेकर चला जाता था। लोगों को 500 रुपये के नोट के बदले 100 और 200 रुपये के नोट अधिक संख्या में देने का झांसा देते थे, जिससे पीड़ित को लगता था कि उसे लाभ हो रहा है, लेकिन वह धोखे का शिकार हो रहा होता। इस गिरोह ने यूनुस नाम के एक व्यक्ति को इसी तरह की योजना में फंसाकर उससे गौर सिद्धार्थम स्थित फ्लैट पर आठ सितंबर को 20 लाख रुपये की ठगी की थी। इससे पूर्व इंदिरापुरम में एक किराये के फ्लैट में कुछ दिन पूर्व एक व्यक्ति से 30 लाख रुपये ठगे थे। पीड़ित को भरोसा दिलाया गया था कि वह कम पैसे देकर अधिक नोट प्राप्त कर सकता है। आरोपियों ने सिद्धार्थ विहार में ही प्रतीक ग्रांड सिटी सोसायटी, इंदिरापुरम में साया गोल्ड सोसायटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पंचशील ग्रीन-2, सेक्टर-94 नोएडा स्थित सुपरटेक सुपरनोवा तथा डीएफएफ अंकुर विहार में भी फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर किराये पर फ्लैट लिए हुए हैं।

फर्जी आधार और आठ मोबाइल बरामद

छापेमारी के दौरान एसटीएफ को आरोपियों से बैंक खातों संबंधी सूची, फर्जी आधार कार्ड, आठ मोबाइल, तमंचा, कागज की गड्डी और टाटा सफारी गाड़ी बरामद की गई है। 100 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनका प्रयोग आनलाइन गेमिंग और अन्य साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल में किया गया। इन बैंक खातों के खिलाफ देशभर के विभिन्न पुलिस थानों में 25 शिकायतों की जानकारी सामने आई है। इनमें ठगी की 1.09 करोड़ रुपये की धनराशि ट्रांसफर हुई है।
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पांच बिहार तो एक बुलंदशहर का है आरोपी

एसटीएफ के मुताबिक बिहार के सोनपुर निवासी गिरोह सरगना शुभम राज, पटना के खेमनी चरण कंकड़बाग स्थित गलेक्सी अपार्टमेंट निवासी प्रदीप कुमार, पटना के लेखानगर स्थित गणेश अपार्टमेंट निवासी धीरज मिश्रा, बिहार के सोनपुर के गांव चक अपसैड निवासी सोनू कुमार, सोनपुर के पहाड़ी चक निवासी अमरजीत कुमार, जनपद बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित गांव रानोरहम अलीपुर निवासी अनुराग हैं। जबकि फरार आरोपी बिहार के सारन के भैरोंपुर निवासी इंद्रमणि, बिहार के वैशाली स्थित पहेतिया धारहरा निवासी चंचल कुमार, पटना के कालीपुर निवासी मृत्युंजय कुमार, बिहार के सारन के रहीमापुर दिघवारा निवासी अंकित कुमार, पटना निवासी शान्वी हैं।
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