मुख्यमंत्री ने नंद नगरी डिपो में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की रखी आधारशिला
सीएम ने कहा - सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में कदम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को डीटीसी के नंद नगरी डिपो में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की आधारशिला रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली की सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक परिवहन प्रणाली विकसित कर रही है।
नंद नगरी डिपो में नया एटीएस ट्रांस-यमुना क्षेत्र के हजारों वाहन चालकों को राहत देगा। राजधानी में बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए, सटीक, निष्पक्ष और डिजिटल तकनीकों से युक्त फिटनेस परीक्षण प्रणाली समय की मांग है। वर्तमान में दिल्ली में 1.53 करोड़ से अधिक पंजीकृत वाहन हैं जिनमें से लगभग 6.5 लाख वाणिज्यिक वाहनों को हर साल फिटनेस प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। फिलहाल केवल एक ही एटीएस झुलझुली में कार्यरत है जहां सालाना केवल 47,919 वाहनों का ही परीक्षण हो पाता है। नया स्टेशन पूरी तरह डिजिटल होगा और इसमें किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी। एटीएस चार-लेन प्रणाली पर आधारित होगा जिसमें दो लेन भारी वाहनों, एक लेन हल्के वाहनों और एक लेन दोपहिया वाहनों के परीक्षण के लिए समर्पित होगी। यहां वाहनों के उत्सर्जन, रोलर ब्रेक, सस्पेंशन (सामने और पीछे), अंडरबॉडी निरीक्षण और हेडलाइट एलाइनमेंट जैसे उन्नत परीक्षण किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह, सांसद मनोज तिवारी, विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, विधायक डॉ. जितेंद्र महाजन व अजय महावर मौजूद रहे।
वार्षिक परीक्षण क्षमता 72,000 वाहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि एटीएस की वार्षिक परीक्षण क्षमता 72,000 वाहनों की होगी, जिसमें 20,000 दोपहिया वाहन भी शामिल हैं। इसके संचालन से दिल्ली परिवहन निगम को प्रतिवर्ष लगभग तीन करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। परियोजना की अनुमानित लागत 10 करोड़ रुपये है और इसके लिए आवश्यक निधि परिवहन विभाग की राज्य पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत प्रस्तावित की गई है। शीघ्र ही एक और एटीएस का निर्माण डीटीसी तेहखंड डिपो (दक्षिण-पूर्व दिल्ली) में होगा।