फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: चाइल्ड पीजीआई में जल्द शुरू होगी किडनी की विशेष जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
इम्यूनोफ्लोरेसेंस जांच से बच्चों में किडनी की बीमारियों की होगी सटीक पहचान, तैयार हो रही विशेष लैब
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। चाइल्ड पीजीआई में बच्चों की किडनी संबंधी बीमारियों की सटीक पहचान के लिए जल्द इम्यूनोफ्लोरेसेंस (आईएफ) जांच शुरू होगी। इसके लिए पैथोलॉजी विभाग में विशेष लैब तैयार की जा रही है। किडनी रोग की ओपीडी पिछले छह महीने से संचालित है। इसमें लगातार बच्चों के पहुंचने से अस्पताल प्रबंधन ने यह सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। जांच के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जा चुके हैं। इस तकनीक में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए एक लैब टेक्नीशियन को दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल भेजा गया है। वहां उसे प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अस्पताल में ही किडनी बायोप्सी के नमूनों की जांच हो सकेगी। फिलहाल ओपीडी में दो डॉक्टर तैनात हैं।
चाइल्ड पीजीआई की कार्यवाहक निदेशक डॉ. ज्योत्सना मदान ने बताया कि पैथोलॉजी लैब में अलग से डार्क रूम तैयार किया गया है। यहां विशेष माइक्रोस्कोप की मदद से नमूनों की जांच होगी। टेक्नीशियन का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जल्द ही सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इससे बच्चों को किडनी की विशेष जांच के लिए दूसरे अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। समय पर बीमारी की सटीक पहचान और उपचार शुरू करने में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल, ओपीडी में किडनी की अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। कई मामलों में बीमारी की स्थिति और प्रकार जानने के लिए किडनी बायोप्सी की जरूरत पड़ती है। अभी तक नमूनों की विशेष जांच के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे जांच प्रक्रिया में समय लगता है। अब पैथोलॉजी विभाग ने इम्यूनोफ्लोरेसेंस जांच शुरू करने की पहल की है। इसके तहत किडनी बायोप्सी से लिए गए ऊतक के नमूनों की विशेष तकनीक से जांच होगी। इस जांच से नमूनों में प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़े प्रोटीन और उनके जमाव की पहचान की जा सकेगी। इससे बीमारी के प्रकार और उसकी गंभीरता समझने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें