- जनपद के चारों ब्लॉक के स्कूलों में संचालित होंगी विशेष कक्षाएं
- कमजोर छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी और गणित में किया जाएगा निपुण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले के कमजोर बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं निपुण एसेसमेंट टेस्ट से पहले संचालित की जाएंगी। इससे उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया जा सकेगा। कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को रेमेडियल लर्निंग किट के माध्यम से अंग्रेजी, हिंदी, गणित विषय में शिक्षण के लिए कार्य पुस्तिका और सामग्रियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही तीनों कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका की छात्राओं को जीवन कौशल की विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि बच्चों का शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। शिक्षकों से हर स्कूल में कमजोर छात्रों की सूची तैयार कराई गई है। ये अन्य छात्र-छात्राओं के मुकाबले पढ़ने में कमजोर हैं। प्रत्येक विद्यालय से 25 प्रतिशत कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा।
इन विद्यार्थियों की पहचान करते हुए उनके लिए अलग पाठ्यक्रम तैयार कराया जाएगा। ऐसे बच्चों के लिए शिक्षक विशेष कक्षाएं संचालित होंगी। खासतौर से हिंदी, अंग्रेजी, गणित व विज्ञान की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। वहीं कमजोर विद्यार्थियों के शिक्षण कार्यों की हर महीने मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
शिक्षक विद्यार्थियों की रिपोर्ट तैयार करेंगे ताकि इन छात्रों में हो रहे सुधार के बारे में जानकारी हो सके। इसके लिए एआरपी और एसआरजी की तैनाती भी की गई है जिससे हर छात्र पर नजर रखी जाएगी।
रोजाना चलेंगी कक्षाएं
प्रशिक्षण पाने वाले शिक्षकों को स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों को दूसरे बच्चों की बराबरी में लाने के लिए कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए रोजाना विद्यालय समय में ही कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। उपचारात्मक कक्षाओं के आयोजन के लिए सभी शिक्षकों का प्रशिक्षण दे दिया गया है। अब विद्यालयों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों का चिह्निकरण कर उपचारात्मक कक्षाएं (रेमेडियल लर्निंग) संचालित की जाएंगी। यह प्रक्रिया हर विषय की कक्षा में की जाएगी ताकि पढ़ाई में कमजोर बच्चे भी बेहतर तरीके से विषयों को समझकर पढ़ाई कर सकें।