कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी सोनिया अख्तर, बांग्लादेशी दूतावास से मांगी मदद
- बोली, केंद्र सरकार से अनुमति मिलने पर दायर करूंगी इंसाफ केे लिए याचिका
- कहा, हर हाल में पति हो हासिल कर रहूंगी, अब भारत में ही रहूंगी
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। सवा साल के बेटे को लेकर पति की तलाश में भारत आई सोनिया अख्तर ने केंद्र सरकार से अनुमति दिलाने के लिए बांग्लादेश के दूतावास से मदद मांगी है। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद सोनिया इंसाफ के लिए न्यायालय में गुहार लगाएगी। सोनिया ने कहा कि मई में उसने सूरजपुर कोतवाली में शिकायत दी थी। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ को भी ई-मेल कर मामले की शिकायत की। उसका दावा है कि वह हर हाल में पति सौरभकांत तिवारी को हासिल कर रहेगी। उसने कहा कि वह अब भारत में ही रहेगी, बांग्लादेश वापस नहीं जाएगी।
सोनिया अख्तर ने बताया कि मई में भारत से लौटने के बाद उन्होंने ऑनलाइन महिला वकील की तलाश की थी। उन्हें एडवोकेट रेनू सिंह का नंबर मिला। इस बार रेनू सिंह ने ही ग्रेनो के सेक्टर में उसे किराये का मकान दिलाया है। वह छह महीने के वीजा पर आई है अब यहीं रहकर कानूनी लड़ाई लडेंगी। उन्हें भारत के कानून पर भरोसा है। यहां महिलाएं आजादी से रह सकती हैं और अपने हक की लड़ाई भी लड़ सकती हैं। इसी शुक्रवार को वह रेनू सिंह के साथ दिल्ली स्थित बांग्लादेश के दूतावास कई थी। उन्होंने सूरजपुर न्यायालय में याचिका दायर करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति दिलाने के लिए दूतावास के अधिकारियों से मदद मांगी है।
पहली पत्नी को साथ रखने पर भी नहीं है एतराज
सोनिया के मुताबिक सौरभ ने उससे पहली पत्नी के मौत होने की बात कही थी। बांग्लादेश में सौरभ ने 11 अप्रैल 2021 को इस्लाम धर्म कबूल किया। जिसके बाद 14 अप्रैल 2021 को दोनों ने निकाह किया। सोनिया कंपनी के दिए क्वार्टर में सौरभ के साथ रहती थी। 20 अप्रैल को उसने बेटे को जन्म दिया था। सौरभ ने सोनिया के लिए तीन घरेलू सहायिकाएं रखी थीं। इस बीच सौरभ की पहली पत्नी व बच्चे बांग्लादेश आ गए। पहली पत्नी की शिकायत पर सौरभ को बांग्लादेश स्थित कंपनी से हटा दिया गया। 24 दिसंबर 2022 को सौरभ भारत आ गया। सोनिया ने कहा कि वह अपना धर्म कभी नहीं बदलेगी। अगर वह पहली पत्नी को साथ भी रखते हैं तो उन्हें कोई एतराज नहीं। हालांकि उन्होंने कहा कि पहली पत्नी के पास वापस लौटने के बाद ही उनके पति के विचार बदले हैं।
बेटे के पिता का हक दिलाने आई भारत
सोनिया ने बताया कि वह बेटे को पिता का हक दिलाने के लिए भारत आई है। बांग्लादेश में रहने से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती और लोग ताने देते हैं। इस लिए अब भारत में ही रहना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि चार अगस्त को सूरजपुर के होटल में सौरभ ने मुलाकात की थी। वह किसी भी कीमत पर अपने पति को नहीं छोड़ेगी।
धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में दायर करेंगी याचिका
सोनिया की वकील रेनू सिंह और अधिवक्ता पंकज खारी ने बताया कि विदेशी महिला होने के कारण सोनिया अख्तर न्यायालय में याचिका दायर नहीं कर सकती। इसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होगी। केंद्र सरकार से अनुमति दिलाने के लिए सोनिया ने अपने दूतावास से मदद मांगी है। सोमवार को भी दूतावास के अधिकारियों से बात हुई। अधिकारियों ने जल्द अनुमति दिलाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि सोनिया के पति पर धोखाधड़ी आदि के आरोप में याचिका दायर की जाएगी। सौरभ की पहली पत्नी को भी इसमें नामजद किया जाएगा।