ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित सीआईएसएफ एसएसजी शिविर में चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा में लगातार सॉल्वर गिरोह के अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हो रही है। अब दो और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मथुरा के राया निवासी मनीष कुमार और आगरा के किरावली गांव निवासी मनोज कुमार के रूप में हुई है।
ईकोटेक-3 थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि कांस्टेबल/जीडी भर्ती 2021 अंगूठे (बायोमीट्रिक) और फोटो का मिलान नहीं होने पर पुलिस ने मनीष कुमार और मनोज को सीआईएसएफ की मदद से 27 और 28 मई को गिरफ्तार किया। सबसे पहले दो अभ्यर्थियों आगरा निवासी अभिषेक और केशव को गिरफ्तार किया गया था। अभिषेक और केशव ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने सॉल्वर गिरोह के सुबोध उर्फ सरोज से संपर्क कर आठ-आठ लाख रुपये में सौदा किया था। आरोपियों ने लिखित परीक्षा सॉल्वर गिरोह से दिलाने के नाम पर चार-चार लाख रुपये एडवांस दिए थे और शेष चार-चार लाख रुपये भर्ती होने के बाद देने का वादा किया था। बाद में पकड़े गए अन्य आरोपियों ने भी अलग-अलग सॉल्वर गिरोह के सदस्यों से सौदा किए जाने की जानकारी दी है। इस आधार पर अन्य सदस्यों तलाश की जा रही है। एक सप्ताह में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अभी शारीरिक दक्षता परीक्षा जारी है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से आय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, ई प्रवेश पत्र, फोटो व अन्य कागजात आदि बरामद किए गए हैं।
आगरा और मथुरा हो सकता है गिरोह का गढ़
अभी तक जितने आरोपी फर्जीवाड़े में पकड़े गए हैं, इनमें अधिकांश आगरा व मथुरा के रहने वाले हैं। पकड़े गए अभ्यर्थियों ने वहीं सॉल्वर गिरोह के स्वयं संपर्क में आने की जानकारी दी है और अलग-अलग नाम बताए हैं। इससे गिरोह का गढ़ आगरा व मथुरा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सबसे बड़ा सवाल है कि सॉल्वर गिरोह को अभ्यर्थियों के नाम पते कैसे पता चले। उन्होंने उनसे न केवल संपर्क किया, बल्कि फर्जी ढंग से सॉल्वर से परीक्षा दिलाने का सौदा भी किया। एसीपी पीपी सिंह का कहना है कि सॉल्वर गिरोह के सदस्यों की तलाश के लिए टीमें दबिश दे रहीं हैं। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।