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Noida News: सोसाइटी हाईराइज, सुविधाएं निम्नस्तरीय पर भड़के लोग

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- महागुन मंत्रा-1 सोसाइटी में हर महीने मेटेंनेस के नाम लिए जाते हैं 16–17 लाख रुपये
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- बावजूद रखरखाव, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चमचमाती हाईराइज जिंदगी के पीछे छिपी हकीकत अब खुलकर सामने आ रही है। महागुन मंत्रा-1 सोसाइटी के निवासी समस्याओं को लेकर विरोध जता रहे हैं। लाखों रुपये का मेंटेनेंस देने के बावजूद निवासी गंदगी, खराब पानी सप्लाई और लचर सुरक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि हर महीने मोटी रकम खर्च करने के बाद भी अगर घर में साफ पानी न आए, दीवारों में दरारें दिखने लगें और बेसमेंट से बदबू उठे, तो सवाल उठना लाजमी है। अब यहां के लोग सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि चेतावनी दे रहे हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो मेंटेनेंस फीस पर सामूहिक ब्रेक लगाया जाएगा।

निवासियों के बताया कि 3 अप्रैल को विधि टावर की पानी की टंकी की सफाई के बाद पांचवें फ्लोर से नीचे कई फ्लैटों की पाइप लाइनों में कचरा फंस गया, जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई। आरोप है कि मेंटेनेंस टीम के पास आवश्यक उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे आपात स्थिति में ब्लॉकेज को खोला जा सके। सोसाइटी के बिल्डिंग की हालत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। करीब चार वर्ष पहले पजेशन मिलने के बावजूद कई स्थानों पर पेंट झड़ चुका है और दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। वहीं कूड़ा निस्तारण मशीन का कार्य भी अभी तक अधूरा है, बेसमेंट में इकट्ठा किये जा रहे कूड़े से दुर्गंध फैलने और बीमारियों के खतरे की स्थिति बनी रहती है।
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सुरक्षा व्यवस्था को भी खतरा : सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था खराब हो चुकी है। कई बार बाहरी व्यक्ति बिना अनुमति फ्लैटों तक पहुंच जाते हैं। इसके अलावा बच्चों के प्ले एरिया में ऊपर से ईंट, पत्थर और कूड़ा फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि हर महीने लगभग 16 से 17 लाख रुपये मेंटेनेंस के रूप में जमा किए जाते हैं, इसके बावजूद बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। निवासी जेपी पांडेय का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ और बिल्डर प्रबंधन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो निवासी मेंटेनेंस शुल्क रोकने जैसे कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।










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