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Noida News: नॉर्थ आई और ओआरबी एक ही प्रोजेक्ट का पार्ट, मतदान का मिले अधिकार

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-निवासियों का कहना नॉर्थ आई और ओआरबी टावर केपटाउन का ही पार्ट
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-चुनाव अधिकारी ने कहा कि जब नहीं देते रखरखाव शुल्क तो चुनाव में मतदान का अधिकार भी नहीं

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-74 स्थित केपटाउन सोसाइटी में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) चुनाव का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बतौर चुनाव अधिकारी नियुक्त हुए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी और निवासियों की बात पर सहमति नहीं बन पा रही है। सोसाइटी निवासियों की ओर से नॉर्थ आई और ओआरबी टावरों के निवासियों को मतदान का अधिकार देने की बात की जा रही है और वहीं चुनाव अधिकारी इस पर सहमति नहीं दे रहे हैं, क्योंकि यहां के निवासी एओए को रखरखाव शुल्क नहीं देते हैं और वहां का रखरखाव बिल्डर करता है।

सोसाइटी के एओए अध्यक्ष अरुण शर्मा ने बताया कि नॉर्थ आई और ओआरबी टावर एक ही प्रोजेक्ट के पार्ट हैं। यहां की बिजली, पानी और सीवर कनेक्शन भी केपटाउन से ही संचालित है। केपटाउन का रखरखाव एओए संभालती है लेकिन ओआरबी और नॉर्थ आई बिल्डर हैंडओवर नहीं कर रहा है। ऐसे में वहां पर रखरखाव का कार्य एओए की ओर से नहीं किया जाता है। इस संबंध में बिल्डर को पत्र भी लिखा गया है कि जब नॉर्थ आई और ओआरबी एक ही प्रोजेक्ट का पार्ट है तो इसे एओए को हैंडओवर किया जाए।
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क्या नॉर्थ आई और ओआरबी की होगी अलग एओए
सोसाइटी निवासी नवीन दुबे ने बताया कि केपटाउन का प्राधिकरण की ओर से स्वीकृत नक्शे में एक ही प्लॉट और एक ही प्रोजेक्ट की तरह नार्थ आई और ओआरबी टावरों को लिया गया है। उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट में कहीं यह प्रावधान नहीं है कि एक ही प्रोजेक्ट के अलग अलग टावरों की एओए अलग बनेगी। इसके अलावा रखरखाव शुल्क लेने का अधिकार भी किसी अन्य एजेंसी को नहीं है। चुनाव अधिकारी के अगर इस आदेश को नजीर मान लिया जाएगा तो हर सोसाइटी में अलग-अलग तमाम एओए बन जाएंगी और विवाद उत्पन्न होंगे।
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नॉर्थ आई और ओआरबी टावर के निवासी एओए को रखरखाव शुल्क नहीं देते हैं और एओए ने वहां का कोई रिकॉर्ड भी नहीं दिखाया है। वहां के निवासियों से मतदान का अधिकार नहीं छीना जा रहा है। यदि रखरखाव शुल्क देते हैं तो मतदान भी कर सकते हैं।
-आशीष कुमार सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी
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