संवाद न्यूज एजेंसी
जलबेड़ा। सरकार व कृषि विभाग वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए सालों से प्रयासरत हैं, इसके लिए वह किसानों को फसल अवशेषों में आग न लगाने के लिए सलाह दे रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारी गांवों में किसान संगोष्ठी कार्यक्रम भी आयोजित कर रहे थे, जिन का परिणाम अब सकारात्मक आता नजर आ रहा है। इस समय जब सभी किसान गेहूं की बुवाई कर रहे हैं, ऐसे में पिछले वर्ष फसल अवशेषों को जलाने की कई घटनाएं सामने आ रही थी, लेकिन इस साल सभी किसान अपने फसल अवशेषों को खेतों में ही मिला रहे हैं।
कृषि यंत्रों का इस्तेमाल
फसल अवशेषों को खेतों में मिलाने के लिए किसान मल्चर हैप्पी सीडर सुपरसीडर रोटावेटर हैरो आदि कृषि यंत्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन यह सब संभव हो पाया एसएमएस लगी कंबाइनों के द्वारा, क्योंकि यह कंबाइनें फसल अवशेषों को पीछे से सीधे ना गिरा कर उसकी कुट्टी काटकर सारे खेत में बिखेर देती हैं और इससे हैप्पी सीडर सुपर सीटर आदि कृषि यंत्रों को इन्हें खेतों में मिलना आसान हो जाता है।
जलबेड़ा के किस लखविंदर सिंह, सूरजभान, जगदीप सिंह, राजकुमार, ओमकार, मनजीत सिंह आदि ने बताया कि वह कई सालों से इसी प्रकार के यंत्रों के इंतजार में थे जो उन्हें अब उपलब्ध हो गए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई है कि सभी कंबाइनों के पीछे गेहूं व धान की कटाई के समय एसएमएस लगाए जाने अनिवार्य किए जाएं ताकि वातावरण को स्वच्छ रखने में सरकार, कृषि विभाग के साथ सबसे बड़ा योगदान किसानों का माना जाए।